
jaipur, 20 जुलाई . Rajasthan में निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशों और राज्य चुनाव आयोग की तय प्रक्रिया के अनुसार चुनाव कराए जाएंगे. Government अदालत के आदेश का अध्ययन करने के बाद उसकी पूरी तरह पालना करेगी. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और विपक्ष की रणनीति पर टिप्पणी करते हुए संसद के बाहर प्रदर्शन की राजनीति की आलोचना की.
जोगाराम पटेल ने कहा कि Rajasthan उच्च न्यायालय ने राज्य Government, पंचायती राज विभाग, राज्य चुनाव आयोग और ओबीसी आयोग को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय समय-सीमा में चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं. Government को जैसे ही न्यायालय के आदेश की प्रति प्राप्त होगी, उसका अध्ययन किया जाएगा और उसके अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा. Government कानून के शासन में विश्वास रखती है और न्यायालय के आदेश सर्वोपरि हैं.
दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कानून मंत्री ने कहा कि विपक्ष अपनी Political विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे प्रदर्शन कर रहा है. उन्होंने कहा कि संसद जनता की आवाज उठाने का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है और सांसदों को अपने मतदाताओं के मुद्दे वहीं उठाने चाहिए. विपक्ष के सांसद लाखों मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन संसद में अपनी बात रखने के बजाय सड़क पर हंगामा करना, कानून को हाथ में लेना और अव्यवस्था फैलाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है.
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की राजनीति के कारण विपक्ष का जनाधार लगातार घट रहा है, जबकि भाजपा और उसके सहयोगी दलों का प्रतिनिधित्व Lok Sabha और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि यदि विपक्ष इसी तरह की राजनीति करता रहा तो उसकी Political प्रासंगिकता और कम होती जाएगी.
जब उनसे पूछा गया कि क्या किसान आंदोलन की तरह इस बार भी छात्रों को विरोध प्रदर्शन के लिए आगे किया जा रहा है और इसके पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका हो सकती है, तो जोगाराम पटेल ने कहा कि उन्हें लगता है कि इसमें विदेशी ताकतें सक्रिय हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि संसद सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस के कुछ नेता विदेश यात्राएं करते हैं और वहां से लौटने के बाद संसद की कार्यवाही बाधित करने और Government के खिलाफ अभियान चलाने की रणनीति अपनाते हैं. ऐसे नेताओं के बयान कई बार देशहित के अनुरूप नहीं होते और उनमें विदेशी ताकतों की सोच दिखाई देती है.
कानून मंत्री ने कहा कि भाजपा मजबूत नेतृत्व वाली पार्टी है और केंद्र Government ऐसी किसी भी गतिविधि या बयान का समर्थन नहीं करेगी, जो देश के हितों के खिलाफ हो. Government लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करते हुए संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के पक्ष में है और विपक्ष को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.
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