
Mumbai , 22 अगस्त . पांच बार की आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) चैंपियन Mumbai इंडियंस (एमआई) ने Saturday को Mumbai के पूर्व फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर जुबिन भरूचा को फ्रेंचाइजी के ग्लोबल इकोसिस्टम के लिए ‘डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस’ नियुक्त किया है.
Mumbai फ्रेंचाइजी में अपनी नई भूमिका से पहले भरूचा Rajasthan रॉयल्स में ‘डायरेक्टर ऑफ हाई परफॉर्मेंस’ थे. उन्होंने नवंबर 2022 से लेकर आईपीएल 2025 के बाद टीम छोड़ने तक यह पद संभाला.
फ्रेंचाइजी ने अपने बयान में कहा, “जुबिन भरूचा ‘डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस’ के तौर पर Mumbai इंडियंस से जुड़ रहे हैं. वह एमआई इकोसिस्टम में परफॉर्मेंस से जुड़े सभी क्षेत्रों में मौजूदा मल्टी-डिसिप्लिनरी लीडरशिप ग्रुप के साथ मिलकर काम करेंगे. जुबिन एमआई के बेहद एकीकृत इकोसिस्टम में मौजूदा सपोर्ट स्टाफ के साथ जुड़ेंगे और खिलाड़ियों के विकास में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने के Mumbai इंडियंस के स्थापित तरीके को और आगे बढ़ाएंगे.”
दाएं हाथ के बल्लेबाज के तौर पर भरूचा ने 90 के दशक में Mumbai और सरे दोनों टीमों की तरफ से खेला. कोचिंग में आने से पहले उन्होंने 17 फर्स्ट-क्लास और 11 लिस्ट-ए मैच खेले थे. Rajasthan रॉयल्स के साथ उनका लंबा जुड़ाव 2008 में आईपीएल के पहले सीजन से था, जहां उन्होंने 2015 तक टीम डायरेक्टर के तौर पर काम किया.
इसके बाद में उन्होंने 2016 से 2017 तक दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के लिए तकनीकी डायरेक्टर के तौर पर काम किया. इसके बाद वह Rajasthan रॉयल्स में ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट ऑपरेशन्स’ बनकर लौटे और फिर ‘डायरेक्टर ऑफ हाई परफॉर्मेंस’ बने.
Rajasthan रॉयल्स में भरूचा ने तलेगांव स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में संजू सैमसन (उनके पर्सनल मेंटर के तौर पर भी), यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल और वैभव सूर्यवंशी जैसे कई भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ियों के करियर को संवारने में अहम भूमिका निभाई है.
एमआई में उनकी भूमिका के बारे में, एक सूत्र ने ‘ ’ को बताया कि भरूचा का दायरा बहुत बड़ा होगा, क्योंकि फ्रेंचाइजी आईपीएल 2026 में प्लेऑफ में जगह न बना पाने के बाद अपने सेटअप में बड़े बदलाव करने जा रही है.
सूत्र ने कहा, “भरूचा का फोकस एमआई की स्काउटिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने और पुरुषों और महिलाओं दोनों के सेटअप में साल भर चलने वाले प्लेयर्स डेवलपमेंट प्रोग्राम्स को बेहतर करने पर होगा, जिसमें ऑफ-सीजन के दौरान उनके कौशल को सुधारने का काम भी शामिल है. इसके साथ ही वह एमआई के मौजूदा टैलेंट स्काउटिंग नेटवर्क का विस्तार और उसे मजबूत करेंगे.”
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एसएम/एबीएम
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