मुल्तानी मिट्टी पहुंचा सकती है नुकसान भी

नई दिल्ली (New Delhi) . कुछ लोग एसिडिटी जैसी कुछ बीमारियों के इलाज के लिए आंतरिक रूप से मुल्तानी मिट्टी का भी सेवन करते हैं. लेकिन ऐसा करना तब तक सही नहीं है,जब तक आपको किसी डॉक्टर (doctor) ने सलाह न दी हो. इसमें एल्यूमीनियम, मैग्नीशियम और सिलिकेट मिट्टी के खनिजों और अतिरिक्त तत्वों की एक उच्च गुणवत्ता होती है. फिर भी ये नुकसान भी पहुंचा सकती है.

आपको यह जानना होगा कि मुल्तानी मिट्टी रूखी त्वचा और न ही अत्यधिक सेंसटिव स्किन यानि संवेदनशील त्वचा के लिए अच्छी नहीं है. इसकी अब्सॉर्बिंग यानि उच्च अवशोषण शक्ति के कारण यह आपकी त्वचा को शुष्क कर सकती है. शुष्क त्वचा पर इसके दुष्परिणाम को कम करने के लिए बादाम और दूध मिला सकते हैं. इसके बजाय ड्राई स्किन पर काओलिन क्ले को आज़मा सकते हैं. मुल्तानी मिट्टी फेस पैक के साइड इफेक्ट भी सामने आते हैं. यह आमतौर पर आपकी त्वचा को सुखा देता है और आपकी त्वचा नमी से रहित हो जाती है. इसकी उच्च शीतलन संपत्ति के कारण, फुलर की मिट्टी सांस की तकलीफ का कारण भी बन सकती है. यह विशेष रूप से तब होता है, जब इसका इस्तेमाल छाती पर हाई टैम्प्रेचर के साथ-साथ सनबर्न से छुटकारा पाने के लिए करते हैं. गर्भावस्था के दौरान मुल्तानी मिट्टी खाना भी सुरक्षित नहीं है.

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