सबसे ज्यादा भारत में हैं क्रिप्टो करेंसी के मालिक

भारत में सबसे ज्यादा क्रिप्टो करेंसी के मालिक है.भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को लेकर क्रेज तेजी से बढ रहा है. क्रिप्टोकरेंसी ने जिस तेजी से निवेशकों को मालामाल किया है, उससे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश भी बढ़ा है.
इधर सरकार क्रिप्टोकरेंसी की निगरानी के लिए विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, लेकिन फिर भी भारत में बिटकॉइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लोगों का क्रेज बना हुआ है. एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा भारत में क्रिप्टो मालिकों की संख्या है. देश में क्रिप्टो मालिकों की संख्या 10.07 करोड़ है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. क्रिप्टो मालिकों के मामले में अमेरिका 2.74 करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर है. इसके बाद रूस (1.74 करोड़) और नाइजीरिया (1.30 करोड़) के साथ तीसरे व चौथे स्थान पर है.

स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार भारत में स्टॉक निवेशकों की संख्या जून 2021 में 70 मिलियन से बढ़कर व80 मिलियन हो गई. अगर जनसंख्या के प्रतिशत के हिसाब से देखा जाए तो भारत की कुल जनसंख्या का 7.30 फीसद क्रिप्टो मालिक है. जनसंख्या के आधार पर पर भारत पांचवें स्थान पर है. 12.73फीसद लोगों के साथ यूक्रेन पहले स्थान पर है, इसके बाद रूस (11.91फीसद), केन्या (8.52फीसद) और अमेरिका (8.31फीसद) लोग क्रिप्टो मालिक हैं. क्रिप्टोकरेंसी की कीमत में बहुत उतार-चढ़ाव होता है. बिटकॉइन इसका उदाहरण है. मार्च 2020 में भारतीय रिजर्व बैंक (Bank) के प्रतिबंध को हटाए जाने के बाद से, क्रिप्टोकरेंसी में निवेशक की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गई है. भारत के सबसे बड़े स्टॉकब्रोकर ज़ेरोधा जिरोधा के यूजर्स की संख्या 7 मिलियन से कुछ ज्यादा है. इनमें से 5 मिलियन एक्टिव यूजर्स हैं. एक्टिव यूजर्स उन ट्रेडर्स को कहते हैं जिन्होंने साल में कम से कम एकबार ट्रेड किया हो. वहीं, क्वाइव्हीच कुबेर पर यूजर्स की संख्या 11 मिलियन के पार हो गई.
यह जानकारी कंपनी के फाउंडर और सीईओ आशीष सिंघल ने दी है. वजीर एक्स के प्रवक्ता ने कहा कि इसका यूजर बेस 8.3 मिलियन का है.भारत में भी क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री बीते दो सालों में जबरदस्त तेजी के साथ फैली है. ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की कुल वैल्यू अभी 2 ट्रिलियन डॉलर (Dollar) के आसपास है. वहीं, बाजार में 11,000 क्रिप्टोकरेंसी हैं, जिनकी ट्रेडिंग हो रही है. क्रिप्टोकरेंसी वर्चुअल करेंसी इनक्रिप्टेड रहती है. यह डीसेंट्रलाइज्ड होती है जो सरकार के नियंत्रण में नहीं होती है.

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