
New Delhi, 3 अगस्त . मोरक्को की ओर से साझा जानकारी के अनुसार रबात में हजारों लोगों के स्यूटा में घुसने के बाद 11 माइग्रेंट की मौत की खबर है. वहीं, स्पेन की तरफ से इस घटना में कम से कम 72 लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आ रहा है. मौजूदा हालात के बीच स्पेन की बॉर्डर पॉलिसी को लेकर यूरोपीय संघ की डिप्लोमैटिक टेंशन बढ़ गई है.
मोरक्को के गृह मंत्रालय ने पिछले हफ्ते स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी इलाके स्यूटा तक पहुंचने की कोशिश में मारे गए लोगों की पहली संख्या जारी की है, जिसमें कहा गया है कि 11 लोग मारे गए. हालांकि, स्पेन की तरफ से जारी बयान में मृतकों की संख्या 72 है.
Wednesday और Friday के बीच हजारों संभावित माइग्रेंट्स इस इलाके में आ गए, जिससे यूरोपीय संघ में डिप्लोमैटिक तनाव बढ़ गया. कुछ सदस्य देशों ने स्पेन की कार्रवाई न करने और ढीली माइग्रेशन पॉलिसी की आलोचना की.
मोरक्को के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता राचिद एल खल्फी ने कहा कि मरने वाले 11 लोगों में से 10 डूब गए, जबकि ग्यारहवां व्यक्ति चट्टानी इलाके से गिर गया.
मोरक्को ने यह भी घोषणा की कि वे इन आंकड़ों को सत्यापित करने और स्पेनिश इलाके में मिली लाशों की पहचान करने के लिए स्पेन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
इस बीच, मंत्रालय ने अचानक आई इस बढ़ोतरी के लिए social media के गलत इस्तेमाल और गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने को जिम्मेदार ठहराया. मोरक्को के गृह मंत्रालय ने स्पेन के Supreme Court के फैसले को गलत तरीके से उल्लेखित करने का भी जिक्र किया.
8 जुलाई को स्पेन के Supreme Court की तरफ से एक फैसला सुनाया गया, जिसमें कहा गया था कि समुद्र के रास्ते आने वाले माइग्रेंट्स को दूसरों की तरह जल्दी वापस नहीं भेजा जाना चाहिए.
मंत्रालय ने बताया कि स्यूटा में 40,000 लोगों ने गैर-कानूनी तरीके से घुसने की कोशिशें कीं. 1,135 और लोगों ने पूरब में मौजूद मेलिला के स्पेनिश इलाके में गैर-कानूनी तरीके से घुसने की कोशिश की, लेकिन उन्हें तुरंत मोरक्को के इलाके में वापस भेज दिया गया.
स्पेन का कहना है कि हाल के दिनों में 60,000 से ज्यादा लोग स्यूटा में घुसने में कामयाब रहे, हालांकि उनमें से ज्यादातर अब मोरक्को लौट गए हैं. मोरक्कन एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स (एएमडीएच) ने बताया कि लगभग 130 लोग मारे गए और दर्जनों दूसरे लोग अभी भी लापता हैं.
मंत्रालय के अनुसार, प्रॉसिक्यूटर ने घटनाओं की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है.
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पीएम
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