राजस्थान के सीमाई इलाके में युद्धाभ्यास की तैयारी में जुटी चीनी वायुसेना, 500 से ज्यादा बंकर बनाए · Indias News

राजस्थान के सीमाई इलाके में युद्धाभ्यास की तैयारी में जुटी चीनी वायुसेना, 500 से ज्यादा बंकर बनाए


जोधपुर. लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद बढ़े तनाव के बीच अब भारत-पाक सीमा पर भी चीन ने अपनी नापाक साजिशें शुरु कर दी हैं. राजस्थान (Rajasthan) से सटी सीमा के सामने करीब दो दशक से सक्रिय चीन इकोनामिक इन्वेस्टमेंट की आड़ में अब युद्धाभ्यास की तैयारी में जुटा है. एक खुफिया रिपोर्ट के अनुसार पीएलए एयरफोर्स इन दिनों राजस्थान (Rajasthan) से सटी पाक सीमा में सक्रिय है और पीएलए एयरबेस पर युद्धाभ्यास की तैयारी कर रही है.

पिछले दिनों ही स्कार्डू में फाइटर प्लेनों में ईंधन भरने वाले चीनी वायुसेना के आईएल एयरक्राफ्ट और कुछ लड़ाकू विमान देखे गए थे. इसके बाद से भारत चीन की पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है. बता दें कि स्कार्डू पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके में है. पूर्वी लद्दाख में चीनी वायुसेना की गतिविधियां बढ़ी हैं. इससे पीएलए एयरफोर्स (चीन की वायुसेना) के पीओके स्थित एयरबेसों का इस्तेमाल करने की आशंका बढ़ी है. इधर, भारत-पाक सीमा पर चीन की गतिविधियों के साथ ही पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर बंकर बनाए जाने की सूचना है. ये बंकर पाकिस्तानी सेना के लिए बनाए गए हैं.

चीन-पाकिस्तान इकोनामिक कारीडोर के चलते राजस्थान (Rajasthan) की चार जिलों से लगती सीमा के पास भी चीनी कंपनियों की दखलअंदाजी बढ़ी हैं. जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और गंगानगर की सीमाओं के आगे यहां 30 हजार से ज्यादा चीनी इंजीनियर्स और एस्पर्ट पहले से सक्रिय हैं. बाड़मेर के सामने जवाहर शाह, शामगढ़ से लगती सीमा पर सुई गैस फील्ड में भी कई चीनी कंपनियां काम कर रही हैं. रिटायर्ड मेजर जनरल शेरसिंह के अनुसार राजस्थान (Rajasthan) से सटी सीमा के सामने चीन इकोनामिक इन्वेस्टमेंट की आड़ में गत दो दशक से सक्रिय है. चीन ने यहां पाक सेना की मदद है और इंफ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ाया. इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि दोनों देशों के बीच इटेलीजेंस एक्सचेंज भी हुआ हो.

पाकिस्तानी सीमा पर चीन अब तक चौकियां, वॉच टावर और 500 से भी ज्यादा बंकर तैयार कर चुका है. यही नहीं इन चौकियों में चीन ने सोलर पैनल, सीसीटीवी, ड्रोन आदि लगाए हैं. चीन इससे पहले पाकिस्तान के कराची, क्वेटा, जकोकाबाद, रावलपिंडी, सरगोडा, पेशावर, मेननवाली और रिशालपुर एयरफोर्स बेस का मॉडर्नाइजेशन कर चुका है.

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