
New Delhi, 15 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए India के भविष्य के विकास का एक व्यापक रोडमैप पेश किया. उन्होंने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री संसाधनों की खोज, स्टार्टअप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डिजिटल तकनीक आने वाले वर्षों में India की आर्थिक प्रगति के प्रमुख स्तंभ होंगे. Prime Minister ने जोर देकर कहा कि ‘विकसित India 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को नई तकनीकों और आत्मनिर्भर संसाधनों पर तेजी से आगे बढ़ना होगा.
अपने संबोधन में Prime Minister मोदी ने देश के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि आज India में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं, जो न केवल नए व्यवसाय खड़े कर रहे हैं बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा कर रहे हैं.
Prime Minister ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया पहल ने युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया है. नवाचार को बढ़ावा देने के लिए Government ने 1 लाख करोड़ रुपए के इनोवेशन फंड की भी घोषणा की है, जिसके माध्यम से नए विचारों, अनुसंधान और तकनीकी विकास को समर्थन दिया जाएगा.
Prime Minister ने कहा कि India को केवल दुनिया का बाजार नहीं बनना है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में वैश्विक नवाचार केंद्र बनना है. उन्होंने कहा कि India की डिजिटल सार्वजनिक तकनीकों को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना चाहिए और देश को अगली पीढ़ी की संचार तकनीकों, विशेष रूप से 6जी, में नेतृत्व करना चाहिए.
उन्होंने घोषणा की कि Government अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी स्किल्स का प्रशिक्षण देगी, ताकि भारतीय युवा वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें.
Prime Minister ने कहा कि आज पूरी दुनिया में क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर चर्चा हो रही है क्योंकि आधुनिक तकनीक का बड़ा हिस्सा इन खनिजों पर निर्भर करता है. उन्होंने बताया कि India ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन शुरू किया है और केंद्रीय बजट में क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है. इसके तहत India विभिन्न देशों के साथ समझौते कर रहा है और वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में India पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
Prime Minister मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर निर्माण और डेटा सेंटर जैसी उभरती तकनीकों के कारण आने वाले समय में ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ने वाली है. उन्होंने कहा कि नई दुनिया को ऊर्जा के बिना चलाना संभव नहीं है और India को भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन बढ़ाना होगा.
ऊर्जा सुरक्षा को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए Prime Minister ने कहा कि आने वाले वर्षों में परमाणु ऊर्जा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी. उन्होंने बताया कि संसद द्वारा शांति अधिनियम पारित किए जाने के बाद इस क्षेत्र के लिए नए अवसर खुले हैं और India ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
Prime Minister ने समुद्री संसाधनों की खोज को लेकर भी Government की महत्वाकांक्षी योजना का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि Government समुद्र के भीतर मौजूद खनिज और ऊर्जा संसाधनों की खोज के लिए तेजी से काम कर रही है. पिछले वर्ष घोषित ‘समुद्र मंथन’ पहल को गति देने के लिए हाल ही में 85,000 करोड़ रुपए आवंटित करने का निर्णय लिया गया है.
उन्होंने कहा कि पहले देश के लगभग 99 प्रतिशत तटीय क्षेत्रों को संसाधन खोज के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र मान लिया गया था, लेकिन अब Government इस सोच को बदलते हुए समुद्री क्षेत्रों की विशाल संभावनाओं का उपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
Prime Minister ने ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा केवल 70 शहरों तक सीमित थी, जबकि आज यह बढ़कर 700 शहरों तक पहुंच चुकी है. पहले जहां केवल 20 से 22 लाख परिवारों तक पाइप्ड गैस पहुंची थी, वहीं अब लगभग 1.75 करोड़ घरों तक यह सुविधा पहुंचाने का काम चल रहा है.
उन्होंने बताया कि करीब 12 वर्ष पहले India की सौर ऊर्जा क्षमता केवल 2 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर 160 गीगावाट तक पहुंच चुकी है. उनके अनुसार, यह India के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है.
Prime Minister ने कहा कि पिछले वर्षों में India के विनिर्माण और डिजिटल क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है. उनके अनुसार, देश में मोबाइल फोन निर्माण 35 गुना बढ़ा है, जबकि आधुनिक रेलवे कोचों का उत्पादन 21 गुना बढ़ चुका है. इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी सात गुना विस्तार दर्ज किया गया है, जिससे India की घरेलू उत्पादन क्षमता मजबूत हुई है.
उन्होंने बताया कि देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और उपभोक्ताओं की संख्या लगभग चार गुना बढ़ी है. इसी अवधि में पेटेंट की संख्या चार गुना हुई है, जबकि डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़ चुके हैं, जो India के तेजी से डिजिटलीकरण को दर्शाता है.
Prime Minister ने कहा कि स्किल इंडिया मिशन, राष्ट्रीय ड्रोन नीति, अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलना और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसी पहलों ने देश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि नवाचार, तकनीक और आत्मनिर्भरता के सहारे India विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा.
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डीबीपी
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