
Patna, 20 जुलाई . बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र Monday से हंगामेदार माहौल में शुरू हुआ. सत्र के पहले ही दिन सदन के अंदर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी Political नोकझोंक देखने को मिली. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और महागठबंधन के अन्य दलों ने नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर Government के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.
विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र Government पर निशाना साधा. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर में राजद विधायक हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे तथा केंद्र Government के खिलाफ नारेबाजी की. विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी विपक्ष ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए हंगामा किया. हालांकि विधानसभा अध्यक्ष के समझाने के बाद विपक्षी सदस्य शांत हुए और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी.
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ उनकी पार्टी और महागठबंधन ने सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन चलाया है. उन्होंने कहा कि जब भी Government कोई गलत निर्णय लेगी, विपक्ष उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगा. वंदे मातरम से जुड़े प्रस्तावित विधेयक पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी वंदे मातरम के खिलाफ नहीं है, लेकिन विधेयक का अध्ययन करने के बाद ही उस पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी जाएगी.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि विपक्ष किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव मौजूद नहीं हैं तो भी पार्टी के सभी विधायक और नेता उनकी भूमिका निभा रहे हैं तथा जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं.
इधर, Government के सभी प्रमुख मंत्री और सत्तापक्ष के विधायक भी सत्र में शामिल हुए. यह मानसून सत्र Political दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. Government सदन में अपनी उपलब्धियों को प्रमुखता से रखने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष विभिन्न जनहित और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर Government को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है. 24 जुलाई तक चलने वाले इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान Government अनुपूरक बजट के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी. ऐसे में आने वाले दिनों में सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और Political टकराव देखने की संभावना है.
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एमएनपी/एसके
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