मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय, पश्चिमी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

Bhopal , 4 जुलाई . देश में मानसून ने दस्तक दे दी है और इसी के साथ पिछले दिनों में कई राज्यों में मध्यम से तेज स्तर की बारिश रिकॉड की गई है. इसी बीच Madhya Pradesh के मौसम वैज्ञानिक एके सिंह ने बताया कि प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. इसके चलते अगले कुछ दिनों में झाबुआ और अलीराजपुर समेत पश्चिमी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

राज्य में मानसून अभी कितने दिनों तक एक्टिव रहेगा? इसके जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि मानसून का जो माह है, वह जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर तक होता है. ऐसे में अगर मानसून के एक्टिव रहने की बात है, तो यह सितंबर तक सक्रिय रहेगा. हालांकि जैसे अभी मानसून पूरी तरह से एक्टिव है, तो बीच-बीच में क्या होता है कि ये टोटल मानसून ट्रफ के पोजीशन पर डिपेंड करता है, तो हो सकता है कि कुछ दिन बाद मानसून ब्रेक ले सकता है और उसके बाद फिर से ये एक्टिव हो सकता है.

उन्होंने बताया कि हम जो मौसम संबंधित भविष्यवाणी देते हैं, वह अगले 5 दिनों का ही देते हैं कि कहां तेज बारिश होगी और कहां अत्यधिक तेज बारिश होगी. इसी के आधार पर हम लोगों को मौसम की जानकारी देते रहेंगे. उन्होंने बताया कि राज्य में मानसून अभी पूरी तरह से एक्टिव है, लेकिन बीच में ब्रेक लेगा तो इसकी सूचना हम देते रहेंगे.

उन्होंने बताया कि Madhya Pradesh में मानसून अगले 5 दिनों तक सक्रिय रहेगा. इस दौरान कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होगी, तो कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है. एके सिंह ने बताया कि मानसून के चार माह देश और समाज के लिए कठिन होते हैं. इसी बीच देश की इकोनॉमी डिसाइड होती है.

एके सिंह ने आगे बताया कि आमतौर पर Madhya Pradesh में मानसून 15 या 16 जून को आ जाता है, लेकिन इस वर्ष मानसून की एंट्री लेट से हुई है. एमपी में मानसून करीब 24 जून के आसपास आया है और पूरे राज्य को कवर करने में भी इसको समय लगा है.

उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि राज्य में मानसून अभी पूर्ण रूप से सक्रिय है. एमपी के किन जिलों में बारिश होने के आसार हैं, इसके बारे में उन्होंने बताया कि ये निरंतर बदलता रहेंगे. ऐसे कुछ निश्चित नहीं है कि किन जिलों में बारिश होगी और कहां नहीं.

उन्होंने बताया कि बारिश के लिहाज से झाबुआ और अलीराजपुर समेत पश्चिमी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, एमपी के उत्तरी हिस्से में बहुत ज्यादा बारिश होने के आसार नहीं है.

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