हार के साथ मोनफिल्स की फ्रेंच ओपन से विदाई, आखिरी मुकाबले में गैस्टन ने दी मात

पेरिस, 26 मई . गेल मोनफिल्स को फ्रेंच ओपन के पहले ही राउंड में फ्रांस के खिलाड़ी ह्यूगो गैस्टन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. 2008 में सेमीफाइनल तक का सफर तय करने वाले मोनफिल्स का यह फ्रेंच ओपन में आखिरी मुकाबला रहा.

39 साल के पूर्व टॉप-10 खिलाड़ी अपने पसंदीदा कोर्ट फिलिप-चैटियर पर गैस्टन के खिलाफ मैच जीतने के बहुत करीब थे. उन्होंने पहला और दूसरा सेट आसानी से 6-2, 6-3 से जीत लिया था. हालांकि, इसके बाद गैस्टन ने शानदार वापसी की और अगले दो सेट 3-6, 2-6 से अपने नाम कर लिए. आखिरी सेट में गैस्टन पूरी तरह हावी रहे और 6-0 से जीत हासिल कर ली.

एटीपी विन/लॉस इंडेक्स के मुताबिक, मोनफिल्स ने अपना रोलैंड गैरोस (फ्रेंच ओपन) करियर 40-18 के रिकॉर्ड के साथ खत्म किया. फ्रेंच ओपन में उनका सबसे शानदार प्रदर्शन साल 2008 में देखने को मिला, जहां उन्होंने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया. मोनफिल्स को सेमीफाइनल में रोजर फेडरर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. वह टूर्नामेंट में तीन बार क्वार्टर फाइनल तक भी पहुंचे.

रिचर्ड गैस्केट, सेबेस्टियन ग्रोसजीन, पॉल-हेनरी मैथ्यू और यानिक नोआ जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी में, 2008 के सेमीफाइनलिस्ट शुरुआत के दो सेट में बिल्कुल फीके नजर आए. हालांकि, फिर कोर्ट फिलिप-चैटियर का वही खास माहौल उन्हें नई ऊर्जा दे गया. तीसरे सेट में 3-3 और 30-30 के स्कोर पर सर्व करते समय मोनफिल्स ने एक शानदार ऐस लगाया. इसके बाद उन्होंने इतनी जोरदार दहाड़ लगाई कि न सिर्फ उनमें, बल्कि स्टेडियम में मौजूद 15,000 दर्शकों में भी जबरदस्त जोश भर गया.

मोनफिल्स ने तीसरे और चौथे सेट के दौरान लगातार आठ गेम जीतकर शानदार वापसी की. ऐसा लग रहा था कि वह पिछले साल की तरह फिर कमाल कर देंगे, जब उन्होंने शुरुआती राउंड में ह्यूगो डेलियन के खिलाफ दो सेट पीछे होने के बाद मैच जीता था. मोनफिल्स थके हुए नजर आए, जिसका फायदा उठाते हुए गैस्टन ने 3 घंटे 22 मिनट तक चले मुकाबले में 5 सेट जीतकर मैच को अपने नाम कर लिया. आखिरी सेट में मोनफिल्स सिर्फ आठ पॉइंट ही जीत पाए. इनमें से चार पॉइंट उनके पहले सर्विस गेम में आए, जहां उनके पास स्कोर 1-1 करने और शायद मैच का रुख बदलने का मौका था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके.

मैच के बाद एक खास ट्रिब्यूट वीडियो दिखाया गया, जिसमें राफेल नडाल, रोजर फेडरर, नोवाक जोकोविच, जैनिक सिनर, कार्लोस अल्काराज़ और स्टेन वावरिंका, जैसे बड़े खिलाड़ियों के संदेश शामिल थे. इसके अलावा उनके फ्रेंच साथी गैस्केट, नोआ, गाइल्स साइमन, जो-विल्फ्रेड सोंगा और आर्थर फिल्स ने भी उन्हें सम्मान दिया. इसके बाद मोनफिल्स अपने साथी “मस्केटियर्स” के साथ फिर से कोर्ट पर नजर आए.

मोनफिल्स के प्रतिद्वंद्वी ह्यूगो गैस्टन ने भी मीडिया से बात करते हुए मोनफिल्स की तारीफ की. 25 साल के गैस्टन ने कहा कि मोनफिल्स हमेशा दूसरों की मदद करने और सलाह देने के लिए तैयार रहते थे. उन्होंने यह भी कहा कि इस खास पल और मुकाबले का हिस्सा बनना उनके लिए यादगार अनुभव रहा.

एसएम/एएस