आजादी के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं दिया गया ध्यान-मोदी

वाराणसी (Varanasi) . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा है कि हमारे यहां हर कर्म का मूल आधार आरोग्य को माना गया है लेकिन आजादी के बाद के लंबे कालखंड में आरोग्य और स्वास्थ्य सुविधाओं पर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितनी देश को जरूरत थी. देश में जिनकी लंबे समय तक सरकारें रहीं, उन्होंने देश के हेल्थ केयर सिस्टम के संपूर्ण विकास के बजाय उसे सुविधाओं से वंचित रखा. गांव में या तो अस्पताल नहीं थे, अस्पताल थे तो इलाज करने वाला नहीं था. हमारे हेल्थ केयर सिस्टम में व्याप्त कमियों ने गरीबों और मध्यम वर्ग में इलाज को लेकर हमेशा बनी रहने वाली चिंता पैदा की. आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन देश के हेल्थ केयर सिस्टम में इसी कमी को दूर करने का एक समाधान है.”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार (Monday) को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) से ‘पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ योजना की शुरुआत की. इस योजना को उन्होंने इसे पूरे देश में स्वास्थ्य के मूलभूत ढांचे को ताकत देने और भविष्य में महामारियों से बचाव की उच्चस्तरीय तैयारी का हिस्सा करार दिया. वाराणसी (Varanasi) के मेहंदीगंज में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री ने इस मिशन की शुरुआत की. इसके अलावा उन्होंने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए 5,189 करोड़ रुपये से अधिक की 28 विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया.

इस मौके पर अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सहित पूरे देश के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को ताकत देने और भविष्य में महामारियों से बचाव के लिए हमारी तैयारी उच्च स्तर की हो, गांव और ब्लॉक स्तर तक हमारे हेल्थ सिस्टम में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता आए, इसके लिए आज काशी से मुझे 64000 करोड़ रुपए के आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य मिला. भविष्य में किसी भी महामारी (Epidemic) से निपटने के लिए हम तैयार हों, इसके लिए अपनी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को आज तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज काशी के मूलभूत ढांचे से जुड़ी करीब 5000 करोड़ रुपए रुपये की परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया गया है. इसमें सड़कों से लेकर घाटों की सुंदरता तक, गंगा और वरुणा की साफ सफाई, पुलों, पार्किंग स्थलों, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में अनेक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में जीवन को सुगम, स्वस्थ और समृद्ध बनाने के लिए काशी में हो रहा यह विकास पर्व एक प्रकार से पूरे देश को नई ऊर्जा, नई शक्ति और नया विश्वास देने वाला है.

मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तीन बड़े पहलू हैं. पहला, बीमारी का पता लगाने और उसके इलाज के लिए विस्तृत सुविधाओं के निर्माण से जुड़ा है. इसके तहत गांवों और शहरों में ‘हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर’ खोले जा रहे हैं, जहां बीमारियों की शुरुआत में ही पता लगाने की सुविधा होगी. दूसरा पहलू, रोगों की जांच के लिए टेस्टिंग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. तीसरा पहलू देश में मौजूद लैब्स को और बेहतर बनाने से जुड़ा है. महामारियों के दौरान जांच के लिये बायोसेफ्टी लेवल-तीन की लैब चाहिए. ऐसी 15 नई लैब को क्रियाशील किया जाएगा. आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के माध्यम से देश के कोने-कोने में इलाज से लेकर क्रिटिकल रिसर्च तक एक पूरा इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम से पहले वर्षों तक जो सरकार में रहे, उनके लिए स्वास्थ्य सेवा पैसा कमाने और घोटालों का जरिया रही है. गरीबों की परेशानी देखकर भी वे से दूर भागते रहे हैं. आज केंद्र और राज्य में वह सरकार है जो दलित गरीब शोषित वंचित पिछड़े मध्यम वर्ग सभी का दर्द समझती है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में ज्यादा सीटें बढ़ने पर अब गरीब का बच्चा भी डॉक्टर (doctor) बनने का सपना न सिर्फ देख सकेगा बल्कि उसे पूरा भी कर सकेगा. जब ज्यादा डॉक्टर (doctor) होंगे तो देश के कोने-कोने में गांव-गांव में उतनी ही आसानी से डॉक्टर (doctor) उपलब्ध हो सकेंगे.
 

Check Also

इस हफ्ते 10 करोड़ हो जाएगी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की संख्या

नई दिल्ली (New Delhi) . सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों का आंकड़ा …