असम में भीषण बाढ़ पर विधायकों ने जताई चिंता, कहा-पहले कभी नहीं देखी ऐसी तबाही

गुवाहाटी, 27 जुलाई . असम में आई भीषण बाढ़ को लेकर जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई है. भाजपा विधायकों और मंत्रियों ने इसे अप्रत्याशित आपदा बताते हुए Government, प्रशासन और सामाजिक संगठनों की ओर से राहत एवं पुनर्वास कार्य जारी होने की जानकारी दी. वहीं, विपक्ष ने प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री नहीं पहुंचने का आरोप लगाते हुए हालात को बेहद गंभीर बताया है.

भाजपा विधायक मानव डेका ने से बातचीत में कहा, “बाढ़ बिल्कुल अप्रत्याशित थी. जिन इलाकों में बाढ़ आई, वहां पहले कभी बाढ़ नहीं आई थी क्योंकि वे ऊंचे इलाकों में बसे हैं. हालांकि, इस बार नागालैंड और सीमावर्ती इलाकों में सामान्य से 400-500 फीसदी ज़्यादा बारिश होने की वजह से जबरदस्त बाढ़ आई. इस समय असम का हर नागरिक एकजुट होकर खड़ा है. सरकारी एजेंसियां, गैर-सरकारी संगठन और आम जनता, सभी मिलकर प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सभी का जीवन जल्द से जल्द सामान्य हो जाए.”

मंत्री बिस्वजीत डाइमरी ने कहा कि Government बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास कर रही है और अधिकारी, गैर सरकारी संगठन और सामाजिक संगठन राहत और पुनर्वास कार्यों में लगे हुए हैं.

बिस्वजीत डाइमरी ने कहा, “बाढ़ से प्रभावित लोगों का जीवन पटरी पर लाने के लिए लगातार कोशिश जारी है. Chief Minister हर समय बाढ़ और राहत कार्यों पर निगरानी रखने के साथ प्रभावित लोगों से बात कर रहे हैं. हालोडी में अभी पानी अधिक है, इसलिए वहां पर राहत कार्य करना थोड़ा मुश्किल है.”

भाजपा विधायक टंकेश्वर राभा ने ऊपरी असम में बाढ़ की स्थिति पर कहा, “यह बहुत ही दुखद है. बाढ़ के कारण मरने वालों के प्रति मेरी संवेदना है. India Government ने जिस तरह से कदम उठाए हैं, उससे लगता है कि 2-3 दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे. Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा लगातार बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा और निगरानी कर रहे हैं. मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि ऐसी प्राकृतिक आपदा में भविष्य में किसी की जान न जाए.”

वहीं, ऊपरी असम में बाढ़ की स्थिति पर विपक्ष के नेता वाज़ेद अली चौधरी ने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. वहां जो हो रहा है, वैसा हमने पहले कभी नहीं देखा. राहत सामग्री भी सभी तक नहीं पहुंच रही है. जो लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं, उन्हें राहत सहायता नहीं मिल रही है. हमने सीएलपी की तरफ से थोड़ी मदद भी उपलब्ध कराई.”

एआईयूडीएफ विधायक मजीबुर रहमान ने कहा, “मैंने अपनी जिंदगी के पिछले 52 सालों में ऐसी बाढ़ कभी नहीं देखी. यह बहुत खतरनाक है. इसकी वजह से करीब 1,000 लोग बेघर हो गए हैं.”

ओपी/एएस