मिजोरम सीएम ने फर्जी पारिवारिक पेंशन लाभार्थियों से स्वेच्छा से पीपीओ सरेंडर करने का आग्रह किया

आइजोल, 15 जुलाई . मिजोरम के Chief Minister लालदुहोमा ने Wednesday को उन लोगों से अपील की जो राज्य Government से फर्जी या अमान्य दस्तावेजों के जरिए पारिवारिक पेंशन ले रहे हैं कि वे तय ‘स्वैच्छिक सरेंडर विंडो’ के दौरान अपने पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) स्वेच्छा से सरेंडर कर दें.

उन्होंने चेतावनी दी कि जांच-पड़ताल के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मिजोरम Government के वित्त विभाग ने Wednesday को ‘पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) को स्वेच्छा से सरेंडर करने के प्रति जागरूकता’ के लिए राज्यव्यापी कार्यक्रम शुरू किया. इसका मकसद उन लोगों को अपने पीपीओ स्वेच्छा से सरेंडर करने में मदद करना है जो धोखाधड़ी या अमान्य दस्तावेजों के आधार पर पारिवारिक पेंशन ले रहे हैं.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Chief Minister ने कहा कि स्वेच्छा से सरेंडर करने की समय-सीमा खत्म होने के बाद, Government की टास्क फोर्स सभी पारिवारिक पेंशन लाभार्थियों के मामलों की व्यापक फील्ड जांच करेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग अवैध रूप से पारिवारिक पेंशन लेते पाए जाएंगे, उनकी पेंशन बंद कर दी जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पारिवारिक पेंशन प्रणाली के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए Chief Minister ने कहा कि जहां कुछ लोगों ने जानबूझकर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पारिवारिक पेंशन हासिल की है, वहीं कुछ लोगों ने अनजाने में ऐसा किया हो सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि Government सार्वजनिक धन के इस तरह के दुरुपयोग को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है.

शुरुआती कदम के तौर पर, Government ने तीन महीने की अवधि तय की है जिसके दौरान अवैध रूप से पारिवारिक पेंशन लेने वाले लोगों को अपने पीपीओ सरेंडर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. लालदुहोमा ने कहा कि जो लोग तय समय के भीतर ऐसा करेंगे, उन्हें पहले से मिली पेंशन वापस नहीं करनी होगी, क्योंकि Government उस राशि की वसूली माफ कर देगी.

Chief Minister ने कहा कि Government यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी पेंशनभोगियों को उनकी पेंशन और पारिवारिक पेंशन का लाभ सुचारू, समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले.

उन्होंने कहा कि पेंशन प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के लिए पहले ही काफी प्रयास किए जा चुके हैं और पेंशन प्रोसेसिंग में देरी अक्सर विभिन्न कार्यालयों में पेंशन फाइलों को संभालने वाले अधिकारियों के अपर्याप्त प्रशिक्षण के कारण होती है.

उन्होंने उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति Government के गहरे सम्मान को भी दोहराया जिन्होंने अपने जीवन के बेहतरीन वर्ष राज्य की सेवा में समर्पित किए.

Chief Minister ने आगे कहा कि पारिवारिक पेंशन के फर्जी दावों के समर्थन में अक्सर जाली दस्तावेज पेश किए जाते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जन्म प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, तलाक प्रमाण पत्र, अविवाहित होने का प्रमाण पत्र, जीवन प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या पारिवारिक पेंशन के लिए जमा किए गए किसी अन्य दस्तावेज में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो Government गहन जांच करेगी.

ऐसे दस्तावेज जारी करने वाले अधिकारियों से अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

वर्तमान में, मिजोरम Government के तहत 39,954 लाभार्थी पेंशन का लाभ उठा रहे हैं. इनमें 22,139 सुपरएनुएशन पेंशनभोगी, 11,194 पारिवारिक पेंशन पाने वाले, 5,629 पेंशनभोगी जो सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीपीसी) के जरिए पेंशन पा रहे हैं, 594 स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वॉलंटरी रिटायरमेंट) वाले पेंशनभोगी, 289 स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) वाले पेंशनभोगी, 69 अमान्य पेंशन (इनवैलिड पेंशन) पाने वाले और 40 अनिवार्य सेवानिवृत्ति (कम्पलसरी रिटायरमेंट) वाले पेंशनभोगी शामिल हैं.

एससीएच/डीकेपी