आस्था के दान में हेराफेरी कानूनन अपराध ही नहीं बल्कि महापाप, दोषियों को मिलेगी सख्त सजा: नरेंद्र कश्यप

Lucknow, 14 जुलाई . उत्तर प्रदेश Government के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कहा कि Government सख्त कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा आस्था के नाम पर दिए गए दान में हेराफेरी करना केवल कानूनन अपराध ही नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी गंभीर पाप है. उन्होंने कहा कि चाहे मामला अयोध्या का हो या किसी अन्य धार्मिक स्थल का, ऐसे मामलों में Government किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतेगी.

राम मंदिर चढ़ावा मामले में कथित हेराफेरी को लेकर मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने से कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया है. मामले में First Information Report दर्ज की गई है, विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई हैं.

कश्यप ने कहा कि Government यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. जांच रिपोर्ट के आधार पर Government दोषियों के खिलाफ सबसे सख्त और उचित कार्रवाई करेगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि Government सर्वोच्च न्यायालय के हर फैसले का सम्मान करती है और उसका पालन करेगी.

Samajwadi Party और कांग्रेस के गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेंद्र कश्यप ने कहा कि उन्हें गठबंधन पर कुछ नहीं कहना है, लेकिन कांग्रेस नेता इमरान मसूद का बयान Samajwadi Party की राजनीति की वास्तविकता को सामने लाता है. उनके अनुसार, Samajwadi Party हमेशा मुस्लिम वोटों की राजनीति करती रही है और यदि उसका सहयोगी दल ही इस बात को स्वीकार कर रहा है, तो यह प्रदेश की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण Political संकेत है.

ज्ञानवापी विवाद पर संभावित मध्यस्थता को लेकर मंत्री ने इसे सकारात्मक पहल बताया. उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष बातचीत और मध्यस्थता के लिए तैयार हैं तो यह एक रचनात्मक कदम माना जाना चाहिए. उनके अनुसार, अयोध्या, मथुरा और ज्ञानवापी जैसे मामलों से जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक पहलुओं को लेकर समाज में लंबे समय से चर्चा रही है और किसी भी समाधान का रास्ता शांतिपूर्ण संवाद से निकलना बेहतर होगा.

वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के संबंध में मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में वक्फ़ की बड़ी संख्या में संपत्तियां हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन संपत्तियों के प्रबंधन और रिकॉर्ड को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं. उनका कहना था कि लगाए गए आरोपों में कुछ सच्चाई दिखाई देती है और Government पहले से ही इस विषय पर गंभीर है. उन्होंने यह भी कहा कि शिया और सुन्नी समुदायों के बीच सामने आए मतभेद इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को और अधिक रेखांकित करते हैं.

पीएम