तारापीठ हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी: मंत्री सुकांत मजूमदार

कोलकाता, 17 अगस्त . केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने Monday को पत्रकारों से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर अपनी बातें रखीं. पश्चिम बंगाल के तारापीठ हादसे पर उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. पिछले Government के शासनकाल में यह देखने को मिला है कि होटलों के पास किसी भी प्रकार के सुरक्षात्मक उपकरण मौजूद नहीं थे. इसी वजह से इस तरह की स्थिति देखने को मिली है, जबकि सच्चाई यह है कि इन होटलों के उपयुक्त सुरक्षात्मक उपकरण होने चाहिए, ताकि इस प्रकार की स्थिति देखने को नहीं मिले.

सुकांत मजूमदार ने कहा कि Government पूरे मामले को संज्ञान में लेने के बाद उचित कार्रवाई करेगी और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में शामिल किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल के मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया चुका है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है.

दरअसल पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के तारापीठ से एक दर्दनाक खबर सामने आई, जहां तड़के करीब 4:30 बजे तारापीठ Police स्टेशन के पास एक तालाब के किनारे स्थित विदेशिनी होटल में आग लग गई. पीएमओ ने अपने social media एक्स हैंडल पर Prime Minister Narendra Modi के हवाले से कहा, “पश्चिम बंगाल के बीरभूम में आग लगने की घटना में हुई मौतों के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. घायल लोग जल्द स्वस्थ हों. स्थानीय प्रशासन इस घटना से प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है.” पीएम मोदी ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख और घायलों को 50,000 रुपए मुआवजा देने की घोषणा की.

इसके अलावा, सुकांत मजूमदार ने Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा समय में स्थिति ऐसी हो चुकी है कि राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को नजरअंदाज करना ही मुनासिब रहेगा. ये लोग कुछ भी नहीं कर सकते हैं. इन लोगों के कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है. ये लोग सिर्फ आलोचना ही कर सकते हैं. मेरे पास ऐसी परीक्षाओं की सूची है, जो कांग्रेस शासनकाल में लीक हुई थी. ऐसी स्थिति में मेरा यही कहना रहेगा कि ऐसे लोगों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए.

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