राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 2030 तक हेपेटाइटिस-मुक्त भारत बनाने का आह्वान किया

New Delhi, 28 जुलाई . स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने Tuesday को ‘हेपेटाइटिस-मुक्त भारत’ का आह्वान किया. उन्होंने 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा न रहने देने के मकसद से Government, राज्यों और संबंधित पक्षों से मिलकर काम करने की अपील की.

‘हेपेटाइटिस: लेट्स ब्रेक इट डाउन’ थीम के तहत ‘वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे 2026’ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य भाषण देते हुए पटेल ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत 2018 में वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे पर शुरू किया गया नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम, 2030 तक पब्लिक हेल्थ के लिए खतरा बने वायरल हेपेटाइटिस को खत्म करने के India के संकल्प को दिखाता है.

उन्होंने कहा, “India नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम के आठ साल पूरे कर रहा है. इस दौरान रोकथाम, स्क्रीनिंग, जांच, इलाज और फॉलो-अप में काफी प्रगति हुई है. India उन कुछ देशों में शामिल है, जो हेपेटाइटिस ‘सी’ का मुफ्त इलाज और हेपेटाइटिस ‘बी’ का मैनेजमेंट उपलब्ध करा रहे हैं, साथ ही सेवाओं तक पहुंच और उनकी किफायती कीमत में भी सुधार कर रहे हैं.”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, “दवाओं की कीमत घटाकर एक डॉलर से भी कम कर दी गई है, जबकि बीमारी की जल्द पहचान और समय पर इलाज के लिए अच्छी क्वालिटी वाली जांच सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं.”

मंत्री ने कहा कि इस प्रोग्राम का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया गया है. शुरुआत में, बिना जटिलता वाले मामलों के इलाज के लिए जिला स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं को मजबूत किया गया, जबकि जटिल मामलों के लिए रेफरल सेवाएं देने के लिए चुनिंदा संस्थानों को मजबूत किया गया.

उन्होंने कहा कि इसके बाद, देश में फैले 1.85 लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के नेटवर्क तक स्क्रीनिंग और इलाज की सेवाओं का विस्तार किया गया, जिससे प्राइमरी हेल्थकेयर लेवल पर हेपेटाइटिस-रोधी सेवाओं तक पहुंच बढ़ी.

पटेल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के लिए जानकारी, शिक्षा और संचार (आईईसी) से जुड़ी सामग्री भी जारी की. इनमें हेपेटाइटिस ‘बी’ और हेपेटाइटिस ‘सी’ पर पोस्टर शामिल हैं, जिनमें बीमारी फैलने के तरीकों और नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीएचसीपी) के तहत उपलब्ध सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई है.

एससीएच/एबीएम