
मार्कपुरम, 6 मई . आंध्र प्रदेश में मार्कपुरम ज़िले के दोरनाला क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित वेलिगोंडा परियोजना के तहत सुरंग निर्माण कार्यों का जायज़ा लेने के लिए जल संसाधन मंत्री निम्मला रामनायडू ने देर रात निरीक्षण किया.
जानकारी के अनुसार मंत्री निम्मला रामनायडू ने न केवल दिन में, बल्कि रात के समय भी चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का करीब से निरीक्षण किया, ताकि परियोजना की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके.
निरीक्षण के दौरान मंत्री निम्मला ने सुरंग के भीतर लगभग 19 किलोमीटर तक यात्रा की. इस दौरान उन्होंने पांच गैंट्रियों की सहायता से किए जा रहे लाइनिंग और बेंचिंग कार्यों का जायजा लिया.
उन्होंने मौके पर मौजूद मजदूरों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और कार्य परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली. मंत्री का यह दौरा न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे मजदूरों का मनोबल भी बढ़ा.
इसके बाद मंत्री निम्मला सुरंग-2 में 12वें किलोमीटर तक पहुंचे, जहां टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) फंसी हुई है. उन्होंने कहा कि पिछली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) Government के दौरान इस मशीन को हटाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए.
उन्होंने कहा कि यदि इस टनल बोरिंग मशीन को जल्द नहीं हटाया गया, तो सुरंग से पानी की एक बूंद भी बाहर नहीं निकल पाएगी, जिससे पूरी परियोजना प्रभावित हो सकती है.
मंत्री ने आरोप लगाया कि 3,000 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण कार्य अभी भी अधूरे हैं. इसके बावजूद पूर्व Chief Minister जगन मोहन रेड्डी ने वेलिगोंडा परियोजना को राष्ट्र को समर्पित कर दिया, जो प्रकाशम जिले के किसानों के साथ धोखे के समान है. उन्होंने कहा कि वर्तमान Government इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने सुरंग-2 के भीतर ही अधिकारियों और मजदूरों के साथ दोपहर का भोजन किया. इसके साथ ही उन्होंने उन स्थानों का भी निरीक्षण किया, जहां चट्टानें गिरने का खतरा है और नरम चट्टानें मौजूद हैं. उन्होंने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे पूरी सावधानी और सुरक्षा उपायों के साथ कार्य को आगे बढ़ाएं.
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एएस
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