
मोतिहारी, 19 जुलाई . बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में Police ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कारतूस निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के दौरान 500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री तथा कारतूस बनाने में प्रयुक्त मशीनें और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं. इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए Police की कार्रवाई जारी है.
इस मामले में Police ने कारखाना चलाने वाला मास्टरमाइंड श्रीकांत सिंह को गिरफ्तार किया है. यह मड़पा मोहन गांव का रहने वाला है. पूर्व से आर्म्स बुलेट के 5 केस दर्ज है. 2012 में यह यूएपीए में भी जेल गया था.
पूर्वी चंपारण के Police अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने Sunday को को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाकर यह कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि चकिया अनुमंडल Police पदाधिकारी (एसडीपीओ) तथा पकड़ीदयाल एसडीपीओ के नेतृत्व में मेहसी, चकिया, मधुबन, गड़हिया, और फेनहारा थाना क्षेत्रों की Police के साथ जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की.
छापेमारी के दौरान Police ने 500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस के अलावा कारतूस निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, मेटल शीट, गन पाउडर तथा बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ बरामद किए. बरामद रसायनों में नाइट्रिक एसिड, रेड फास्फोरस, एसीटोन, चारकोल सहित अन्य सामग्री शामिल है. Police ने कारतूस निर्माण में प्रयुक्त अन्य उपकरण और कच्चा माल भी जब्त किया है.
एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अवैध कारतूस के निर्माण और आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं. कारतूस के लिए बुलेट खरीदकर उपलब्ध कराने वाले कुछ लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. Police इस कार्रवाई को जिले में अवैध हथियार और कारतूस निर्माण के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है. यह हथियार तस्करों पर Police की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.
एसपी स्वर्ण प्रभात ने अभियान में शामिल Police टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित करने और 25 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है. इस ऑपरेशन में मेहसी थानाध्यक्ष सानु गौरव और डीआईयू में पदस्थापित सब इंसेक्टर कृष्ण मोहन की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही. मामले की विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी.
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एमएनपी/एसके
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