खनिज संशोधन विधेयक से तमिलनाडु के राजस्व पर खतरा: सांसद वाइको

चेन्नई, 15 अगस्त . Lok Sabha सांसद और एमडीएमके नेता दुरई वाइको ने चेतावनी दी है कि खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, तमिलनाडु के राजस्व को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है.

एक बयान में, दुरई वाइको ने कहा कि उन्होंने Saturday सुबह तमिलनाडु की वित्त मंत्री मैरी विल्सन से मुलाकात की और विधेयक के उन प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया जो राज्य Governmentों की शक्तियों और वित्तीय संसाधनों को सीमित कर सकते हैं. यह विधेयक 12 अगस्त को Lok Sabha और 13 अगस्त को राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था.

दुरई वाइको ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और केंद्र से इस विधेयक को विस्तृत जांच के लिए संसदीय स्थायी समिति को भेजने का आग्रह किया. उन्होंने विधेयक को पारित करने से पहले राज्य Governmentों से परामर्श करने की भी मांग की.

वाईको ने कहा कि उन्होंने Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिरला को एक संशोधन प्रस्तुत किया था जिसमें राज्यों की कराधान शक्तियों की रक्षा के लिए धारा 9डी को हटाने की मांग की गई थी. हालांकि, केंद्र Government ने विपक्ष की मांगों को नजरअंदाज करते हुए दोनों सदनों में बिना व्यापक बहस के विधेयक पारित कर दिया.

दुरई वाइको के अनुसार, हाल ही में जोड़ी गई धारा 9डी राज्य Governmentों को खनिज अधिकारों और खनिज युक्त भूमि पर कर लगाने से रोकती है. इस प्रावधान के कारण राज्य Governmentें लाखों-करोड़ों रुपए के राजस्व और बकाया राशि की वसूली करने में असमर्थ हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि इससे राज्यों के महत्वपूर्ण राजस्व स्रोतों पर असर पड़ेगा और उनकी वित्तीय स्वायत्तता के लिए गंभीर चुनौती खड़ी होगी.

दुरई वाइको ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की नौ न्यायाधीशों की पीठ ने 2024 में फैसला सुनाया था कि राज्यों को खनिज युक्त भूमि पर कर लगाने का अधिकार है. इस फैसले के आधार पर तमिलनाडु Government ने तमिलनाडु खनिज युक्त भूमि कर अधिनियम, 2024 लागू किया और 2025 में इससे संबंधित नियम बनाए. राज्य Government ने 4 अप्रैल, 2025 से कर वसूलना शुरू किया.

उन्होंने बताया कि भूविज्ञान और खनन विभाग द्वारा 2025-26 के दौरान अर्जित 4,395.68 करोड़ रुपए के राजस्व में से 2,265 करोड़ रुपए खनिज युक्त भूमि कर से प्राप्त हुए. यदि यह संशोधन लागू हो जाता है, तो राजस्व का यह महत्वपूर्ण स्रोत बाधित हो सकता है.

दुरई वाइको ने इस बात पर जोर दिया कि यह मुद्दा केवल राजस्व हानि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राज्यों की संवैधानिक शक्तियां, वित्तीय स्वायत्तता और India की संघीय संरचना भी शामिल है. उन्होंने वित्त मंत्री से आग्रह किया कि वे केंद्र Government पर तमिलनाडु के वित्तीय अधिकारों की रक्षा करने और उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए दबाव डालें. मारिया विल्सन ने उन्हें आश्वासन दिया कि Chief Minister सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली Government उचित कदम उठाएगी.

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