
कैनसस सिटी, 11 जुलाई . अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने कप्तान लियोनेल मेसी की फिटनेस को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि 39 वर्षीय मेसी स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह फिट हैं और टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं.
कैनसस सिटी स्टेडियम में होने वाले मुकाबले से पहले स्कालोनी ने कहा कि टीम के आंकड़े बताते हैं कि मेसी अभी भी उतना ही काम कर रहे हैं, जितना वह पिछले टूर्नामेंटों में करते थे. उनके वर्कलोड में कोई बड़ी कमी या बढ़ोतरी नहीं हुई है. स्कालोनी ने कहा, “वह पहले से ज्यादा या कम नहीं दौड़ रहे हैं. उनके आंकड़े नहीं बदले हैं. टीम उन्हें पूरा समर्थन देती है. उन्होंने अपने फिटनेस कोच के साथ अच्छी तैयारी की है और इसका फायदा उन्हें मिल रहा है. वह मैदान पर अपना सब कुछ दे रहे हैं.”
मेसी इस वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में हैं. उन्होंने अब तक आठ गोल किए हैं और फ्रांस के कप्तान काइलियन एम्बाप्पे के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं. खास बात यह है कि एम्बाप्पे ने मेसी से एक मैच ज्यादा खेला है. स्कालोनी ने कहा कि उम्र बढ़ने के बावजूद मेसी की गोल करने की क्षमता और मैच पर असर डालने की ताकत कम नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जो लोग मेसी को करीब से जानते हैं, वे उनकी मेहनत और जुनून से अच्छी तरह वाकिफ हैं.
उन्होंने कहा, “जो लोग उन्हें नहीं जानते, वे शायद सोच सकते हैं कि 39 साल की उम्र में वह अब पहले जैसे नहीं रहे, लेकिन जब तक वह खेलना चाहते हैं, वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहेंगे. जो लोग उन्हें ट्रेनिंग करते देखते हैं, वे जानते हैं कि वह कितने शानदार खिलाड़ी हैं. उनके साथी खिलाड़ी भी यही कहते हैं कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं.”
स्कालोनी ने यह भी साफ किया कि मेसी को पेनल्टी लेने की पूरी आजादी रहेगी. टूर्नामेंट में दो पेनल्टी मिस करने के बावजूद कोच ने अर्जेंटीना के कप्तान पर अपना भरोसा कायम रखा है. उन्होंने कहा, “मेरे दिमाग में कभी यह बात नहीं आई कि उन्होंने पेनल्टी लेने की जिम्मेदारी बदलने के लिए कहूं. वह खुद फैसला करते हैं कि उन्हें क्या करना है.”
कोच ने बताया कि मैदान पर मेसी को अपनी स्थिति तय करने की भी पूरी स्वतंत्रता है. उन्होंने कहा कि टीम के बाकी खिलाड़ी मेसी की सोच और खेल को समझते हैं और उसी के अनुसार अपनी रणनीति बनाते हैं. मिस्र के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले में मेसी ने कई बार अपनी पोजीशन बदली थी. वह राइट फ्लैंक की ओर गए, जिससे टीम को फायदा मिला और उनके मूवमेंट से क्रिस्टियन रोमेरो को हेडर के जरिए गोल करने का मौका मिला. इसके बाद मेसी ने भी मुकाबले में अहम गोल दागा था. स्कालोनी ने कहा, “अगर मेसी किसी जगह जाना चाहते हैं और टीम का कोई दूसरा खिलाड़ी उनकी जगह को कवर करता है, तो यह उनका फैसला होता है. टीम उनके खेल के हिसाब से खुद को ढाल लेती है. खिलाड़ी समझते हैं कि उन्हें कब बिल्डअप में शामिल होना है और कब किस जगह जाना है.”
अर्जेंटीना कोच ने यह भी माना कि यह मेसी का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है, इसलिए टीम के लिए यह टूर्नामेंट और भी खास बन गया है. उन्होंने कहा कि मेसी के साथ खेलने का मौका खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा कारण है. स्कालोनी ने कहा, “हम जानते हैं कि यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है. इस वजह से हर मुकाबला और भी भावनात्मक हो जाता है. हम चाहते हैं कि वह इस सफर को शानदार तरीके से आगे बढ़ाएं.”
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एसएम/एएस
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