साइबर क्राइम फ्री राजस्थान : मानस की मुहिम दे रही सतर्कता का संदेश · Indias News

साइबर क्राइम फ्री राजस्थान : मानस की मुहिम दे रही सतर्कता का संदेश


उदयपुर (Udaipur). साइबर अपराधों से बचने व इनकी रोकथाम के लिए रक्षासूत्र फाउंडेशन “साइबर क्राइम फ्री राजस्थान (Rajasthan)“ नाम से जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के विभिन्न जिलों में जारी है. ऑनलाइन के दौर में जागरूक रहने और सतर्क रहकर इसके दुष्प्रभाव से बचने का संदेश देती इस मुहिम से जुड़े साईबर एक्सपर्ट युवा मानस त्रिवेदी इन दिनों सम्पूर्ण राजस्थान (Rajasthan) के पुलिस (Police) अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी टिप्स दे रहे है और इससे बचाव के तरीकों व अपराधों को पकड़ने के उपायों के बारे में बता रहे है.

18 जिलों में मिली मंजूरी

फाउंडेशन के संस्थापक मानस त्रिवेदी ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत सभी पुलिस (Police) थानों में पुलिस (Police) जवानो को साइबर से जुड़े नए तरीके व इस संबंध में इन्वेस्टीगेट की तकनीकी जानकारी दी जा रही है. साथ ही सभी स्कूल, कॉलेज, में स्टूडेंट्स को भी साइबर क्राइम से बचने के टिप्स बताते है. मानस ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक (पुलिस (Police) तकनीकी सेवाएं) सुनील दत्त ने 18 जिलों जयपुर (jaipur), अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनू, चूरू, कोटा, हनुमानगढ़, गंगानगर, टोंक, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर (Udaipur), प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़ व राजसमंद में कार्यक्रम चलने की मंजूरी दी है. मानस अपनी टीम के साथ अपराध, जनजागरण, सेफ ओर सिक्युर ऑनलाइन बैंकिंग, ऑनलाइन सेक्सुयल हर्रसेमेंट, सेफ मोबाइल सर्फिंग के अलावा फोन कॉल पर हो रही ठगी जैसे विषयो पर नियमित तय कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण दे रहे है. आगे भी मानस सभी जिलो मे अपनी टीम के साथ पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन ओर जागरूकता वीडियो के माध्यम से आमजन को जागरूक करेंगे.

सावधान रहने की आवश्यकता

मानस का कहना है कि वर्तमान में फेसबुक पर फर्जी एकाउंट बनाकर ब्लैकमेल करना या लोगो की हमदर्दी हासिल करने का प्रयास करना, सोशल मीडिया (Media) दोस्त बनकर पूरा एकाउंट खाली कर देना, ओटीपी साझा कर एकाउंट से पैसे निकाल लेना, इस तरह के अपराध और ऐसे अपराधियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में बहुत जरूरी हो गया है कि हम इंटरनेट का सही इस्तेमाल करे, असली नकली का फर्क, सोशल मीडिया (Media) पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सावधानी बरतें.

जागरूकता ही बचाव

साइबर अपराध से बचने के लिए एक मात्र रास्ता है सतर्कता या जागरूकता. इस लोकडाउन के दौरान 300 फीसदी सायबर क्राइम बढ़ा है. इसके तहत वित्तीय धोखाधड़ी में पेटीएम फ्रॉड, ई कॉमर्स धोखाधड़ी, सीम स्वैपिंग और कार्ड क्लोनिंग बढ़ी है. वही महिला और बच्चों के खिलाफ सायबर बुलिंग, छेड़छाड़, पहचान चुरा लेना जैसे मामले बढ़े है. जरूरत से ज्यादा सूचनाएं शेयर करने से नुकसान होगा. फेसबुक पर ज्यादा जानकारीयां सांझा करना ठीक नही किसी भी फोन कॉल और आये हुए मैसज पर यूँही भरोसा ना करे और लालच में ना आये.

मानस पहले भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए बना चुके है एप

मानस उस वक्त चर्चा में आये थे जब उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए रक्षासूत्र नाम से एप बनाया था. जिसमे मोबाइल एप को डाउनलोड करने के बाद आपात स्थिती मे महिला या युवती के स्क्रीन पर दो बार प्रैस करने पर पुलिस (Police) कंट्रोल रूम मे अलार्म बजने लगता था साथ ही महिला की लोकेशन मे पुलिस (Police) को आसानी से पता चल जा ती थी, जिससे की समय पर पुलिस (Police) को वारदात के घटितहोने से पहले जानकारी ओर जगह के बारे मे पता चल जाता है, इस एप को पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने भी सराहा था.

इंतजाम एप भी आया काम

इसके अलावा चुनाव के वक्त भी मानस ने इंतजाम नाम से एक एप बनाया था जिसकी मदद से यहा पता लगाना बहुत आसान हो जाता है किस पुलिस (Police)कर्मी की किस पोल्लिंग स्टेशन ओर पॉइंट पर ड्यूटि है, इससे पुलिस (Police) जवानो मे भी गफलत की स्थिति नही रहती थी.

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