
Mumbai , 9 मई . दिग्गज Actress मीनाक्षी शेषाद्रि ने अपनी प्रतिष्ठित फिल्म दामिनी के 33 वर्ष पूरे होने पर पुरानी यादों को ताज़ा किया.
Actress मीनात्री शेषाद्रि ने फिल्म के प्रतिष्ठित गीत जबसे तुमको देखा है सनम की शूटिंग के दौरान का एक मजेदार बिहाइंड-द-सीन्स (बीटीएस) पल याद किया और बताया कि दिवंगत Actor ऋषि कपूर ने किस तरह एक मुश्किल शॉट को आसान बना दिया था.
अपने social media अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए मीनाक्षी ने बताया कि गाने के शुरुआती शॉट में उन्हें मैसूर की हरियाली के बीच चलती कार के ऊपर बैठना था.
उन्होंने इसे लगभग एक स्टंट जैसा अनुभव बताया और कहा कि कैमरे पर सहज और रोमांटिक दिखते हुए खुद को संतुलित रखना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था.
उन्होंने ऋषि कपूर की शांत ड्राइविंग स्किल्स और कैमरा क्रू के साथ उनके बेहतरीन तालमेल की भी सराहना की, जिसकी वजह से शूटिंग आसान हो गई और वह कठिन सीन के दौरान स्थिर रह सकीं.
पोस्ट साझा करते हुए मीनाक्षी ने लिखा, “दामिनी की 33वीं वर्षगांठ का जश्न जारी है. ‘दामिनी’ एक गंभीर और भावनात्मक ड्रामा फिल्म थी लेकिन इसमें बेहद मधुर और यादगार संगीत भी था. ‘जबसे तुमको देखा है सनम’ एक बेहद प्यारी और सदाबहार धुन है, जिसकी शूटिंग मैसूर की खूबसूरत हरियाली में हुई थी.”
उन्होंने आगे लिखा, “इस गाने के शुरुआती शॉट में नायिका को चलती कार के ऊपर बैठे हुए दिखाया गया है. यह लगभग एक स्टंट शॉट जैसा था और इसमें खुद को स्थिर रखते हुए सहज और रोमांटिक दिखना काफी मुश्किल था. ऋषि कपूर जी ने भी शानदार ड्राइविंग कौशल दिखाया और कार को इस तरह संभाला कि मैं स्थिर रह सकूं, साथ ही कैमरा क्रू के साथ बेहतरीन तालमेल भी बनाए रखा.”
राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित दामिनी वर्ष 1993 में रिलीज हुई थी. फिल्म में मीनाक्षी शेषाद्रि, ऋषि कपूर, सनी देओल, अमरीश पुरी, कुलभूषण खरबंदा और रोहिणी हथिंगणी जैसे दमदार कलाकार शामिल थे.
फिल्म की कहानी दामिनी नाम की एक सरल लेकिन नैतिक मूल्यों वाली महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने देवर और उसके दोस्तों द्वारा नशे की हालत में किए गए गंभीर अपराध की गवाह बनने के बाद अपनी घरेलू सहायिका को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती है. बाद में उसके ससुराल वाले भी अपराधियों का साथ देने लगते हैं.
फिल्म में मीनाक्षी शेषाद्रि द्वारा निभाया गया ‘दामिनी’ का किरदार उस दौर के सबसे सशक्त महिला किरदारों में से एक माना जाता है.
यह फिल्म सनी देओल के दमदार कोर्टरूम दृश्यों और मशहूर संवादों- “तारीख पे तारीख…” और “ये हाथ जब उठ जाता है तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है”- के लिए भी याद की जाती है.
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पीएम
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