सोनम वांगचुक की सेहत पर मेडिकल बुलेटिन जारी, स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर; डॉक्टरों की टीम लगातार कर रही निगरानी

New Delhi, 19 जुलाई . जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर Sunday शाम मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया. वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक को जरूरी मेडिकल देखभाल दी जा रही है और उनके स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण पैरामीटर फिलहाल स्थिर हैं.

मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, उनके ब्लड पैरामीटर में हल्का सुधार देखा गया है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी है. लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर पर पड़े तनाव और इसके संभावित प्रभावों को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की निगरानी में रखा गया है.

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के साथ-साथ एम्स, New Delhi के डॉक्टरों की इलाज करने वाली टीम भी उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है. डॉक्टरों का मानना है कि लंबे उपवास के बाद किसी भी संभावित स्वास्थ्य जटिलता को समय रहते पहचानने और उसका इलाज करने के लिए चौबीसों घंटे क्लिनिकल मॉनिटरिंग जरूरी है.

बुलेटिन में कहा गया है कि सोनम वांगचुक को उनकी जरूरत के अनुसार सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. उनकी क्लिनिकल स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है और डॉक्टर उनकी सेहत में होने वाले हर बदलाव पर नजर रख रहे हैं.

इससे पहले सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था. हाईकोर्ट ने फिलहाल उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की मांग स्वीकार नहीं की है. अदालत ने कहा था कि वांगचुक का अस्पताल में भर्ती किया जाना स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया फैसला था.

सोनम वांगचुक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में दलील दी थी कि उन्हें उनकी पसंद के अस्पताल और डॉक्टर की सुविधा मिलनी चाहिए. वहीं, Government की ओर से कहा गया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है और उनकी सेहत को लेकर पूरी सावधानी बरती जा रही है.

फिलहाल सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में ही चिकित्सकों की निगरानी में हैं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उनकी स्थिति स्थिर है और उन्हें लगातार आवश्यक उपचार दिया जा रहा है.

एससीएच/