
New Delhi, 3 अगस्त . Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हाल की घटनाओं की कवरेज के बाद देश के एक इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट का एक्सेस ब्लॉक कर दिया गया है. Pakistan में यूजर्स ने social media प्लेटफॉर्म पर इस बात पर गुस्सा जाहिर किया है.
कई यूजर्स ने अल जजीरा को एक्सेस करने में दिक्कतें बताईं और प्रेस की आजादी, इंटरनेट पर रोक, और लोगों के इंडिपेंडेंट जानकारी एक्सेस करने के अधिकार पर चिंता जताई. अल जजीरा खुद को अरब दुनिया का पहला इंडिपेंडेंट न्यूज चैनल कहता है.
यह रोक पीओके में बढ़ते तनाव के बीच लगाई गई है, जहां पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन और अशांति बढ़ गई है. वेबसाइट के एक्सेस न होने के दावों से ऑनलाइन बहस छिड़ गई है, जिसमें यूजर्स सवाल कर रहे हैं कि क्या यह कदम अल जजीरा की उस इलाके में चल रहे हालात पर रिपोर्टिंग से जुड़ा है.
यह विवाद देश से जुड़े संवेदनशील मामलों पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की कवरेज को लेकर Pakistanी अधिकारियों की आलोचना के बाद हुआ है. अधिकारियों ने पहले भी अंतरराष्ट्रीय न्यूज संगठन पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग का आरोप लगाया है, जबकि आउटलेट ने एक इंडिपेंडेंट मीडिया ऑर्गनाइजेशन के तौर पर अपनी भूमिका बनाए रखी है.
कुछ social media यूजर्स ने यह भी दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय न्यूज वेबसाइट पर यह रोक Pakistan के सैन्य प्रणाली के कुछ हिस्सों के पीओके में हो रहे डेवलपमेंट पर चैनल की कवरेज से नाराज होने के बाद लगाई गई.
इस बीच, Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर में अशांति बढ़ती जा रही है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पिछले चार दिनों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं. असल संख्या इससे कहीं ज्यादा होने की उम्मीद है.
Saturday को social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने हिंसक कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में हमारे 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं.
एक और बयान में, जेएएसी ने कहा कि मुजफ्फराबाद इलाके में देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहे, जिसमें प्रदर्शनकारी अपने बुनियादी अधिकारों की सुरक्षा और स्थानीय अधिकारियों द्वारा किए गए वादों को लागू करने की मांग करते हुए सड़कों पर मौजूद रहे.
इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है. अमेरिका में मौजूद मानवाधिकार फाउंडेशन (एचआरएफ) ने पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की खबरों की निंदा की और Pakistanी अधिकारियों से कार्रवाई रोकने, कम्युनिकेशन सर्विस बहाल करने और बल के किसी भी गैर-कानूनी इस्तेमाल के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा है.
संगठन ने लोकल सिविल सोसायटी ग्रुप्स का हवाला देते हुए कहा कि Pakistanी सुरक्षा बलों ने इलाके में प्रदर्शनों के दौरान हजारों शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कथित तौर पर गोलियां चलाईं. Pakistan में अधिकारियों ने रिपोर्ट की गई मौत की संख्या या आरोपों की पुष्टि नहीं की है.
इंटरनेशनल मीडिया वेबसाइट पर कथित पाबंदियों के साथ-साथ अशांति के दौरान इंटरनेट एक्सेस और मीडिया कवरेज को लेकर चिंताओं ने, Political अस्थिरता के समय में ट्रांसपेरेंसी, प्रेस की आजादी और स्वतंत्र जानकारी के फ्लो के बारे में चर्चाओं को तेज कर दिया है.
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एएस
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