
अयोध्या, 16 जुलाई . उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और Samajwadi Party (सपा) के नेता पवन पांडे ने मौलाना जर्जिस अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए विवादित बयान पर पलटवार किया. उन्होंने इसे सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए की गई हरकत बताया है. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म और आस्था की सीमाओं में रहना चाहिए.
दरअसल, मौलाना जर्जिस अंसारी ने दावा किया था कि भगवान कृष्ण मुस्लिम थे और नमाज पढ़ते थे.
पवन पांडे ने से बातचीत के दौरान कहा, “लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ऐसी विवादित हरकतें करते हैं. मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हर व्यक्ति को अपने धर्म और आस्था की सीमाओं में रहना चाहिए. सभी को अपनी-अपनी सीमाओं में रहना चाहिए. सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किसी को भी जरूरत से ज्यादा ज्ञान दिखाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.”
उन्होंने कहा कि हम हिंदू भाई-बहन मंदिरों में पूजा-अर्चना करें और मुसलमान मस्जिदों में नमाज अदा करें. सभी को संविधान और मर्यादा के दायरे में रहकर अपना काम करना चाहिए.
वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिसे लगता है कि उसका दान चोरी हुआ, संभव है उसने सच्ची श्रद्धा से दान न दिया हो. इसको लेकर भी सियासत तेज हो गई है.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन पांडे ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित कविता का संदर्भ देते हुए पलटवार किया और कहा कि जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है.
उन्होंने कहा कि ये इसी तरह के विधानसभा अध्यक्ष हैं. इस मामले में पूरी भाजपा के ऐसे ही अनर्गल बयान आ रहे हैं. चोरी करने वाले इन्हीं के दल के लोग हैं.
पवन पांडे ने कहा कि 17 जुलाई यानी Friday को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का आगमन मेरे आवास पर हो रहा है. अयोध्या की पतित पावन धरती पर हजारों की संख्या में लोग उनके विचारों को सुनेंगे और आशीर्वाद लेंगे. इस दौरान भंडारा और भजन संध्या का आयोजन किया गया है. इस भव्य आयोजन में क्षेत्रवासी भाग लेंगे और साझीदार बनेंगे.
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एएसएच/एबीएम
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