
मथुरा, 26 मई . जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने मथुरा को अयोध्या और काशी के बाद आध्यात्मिक महत्व की अगली कड़ी बताया है. उन्होंने सनातन धर्म को शाश्वत बताते हुए कहा कि वर्तमान नेतृत्व में यह मजबूती से आगे बढ़ रहा है. हालांकि उन्होंने सीएम योगी से ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर सख्त कदम उठाने की बात कही.
शंकराचार्य हिमांगी सखी ने से कहा, “अदालत ने प्रमाणित कर दिया कि भोजशाला मंदिर है, वहां पूजा-पाठ होनी चाहिए लेकिन ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा वर्षों से लंबित है. हम शासन-प्रशासन का सम्मान करते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जाए.”
उन्होंने कहा, “कृष्ण जन्मभूमि पर अभी तक फैसला क्यों नहीं हुआ? देवेंद्र फड़णवीस ने बांद्रा में मस्जिद के ऊपर बुलडोजर चलाया, तो सीएम योगी को किस बात का डर है?”
शंकराचार्य ने बकरीद पर नमाज को लेकर भी सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा, “नमाज सड़कों पर नहीं पढ़नी चाहिए. नमाज सिर्फ मस्जिदों में पढ़ी जानी चाहिए. हिंदू समाज भी मंदिरों में ही पूजा-अर्चना करता है, सड़कों पर नहीं.”
नई पार्टी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर उन्होंने सकारात्मक राय व्यक्त की. हिमांगी सखी ने कहा, “मैं इस पार्टी को सकारात्मक रूप से देखती हूं क्योंकि यह समाज और शासन को जागरूक कर रही है. युवा पीढ़ी इससे जुड़ी हुई है. कुमार विश्वास ने जो कहा कि कॉकरोच गंदगी की ओर इशारा करता है, वह सही है. गंदगी साफ करना जरूरी है. मैं इस पार्टी को पूरा समर्थन देती हूं.”
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा और उसके मंदिरों के मुद्दों का शीघ्र समाधान होना चाहिए. उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह हिंदू भावनाओं का भी सम्मान करे.
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एससीएच/पीएम
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