मार्क जुकरबर्ग ने सीएसएएम, डीपफेक कंटेंट और ऑपरेटिंग सिस्टम में एरर को लेकर भारत सरकार से मांगी माफी

New Delhi, 5 अगस्त . मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने Wednesday को बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम), डीपफेक कंटेंट और ऑपरेटिंग सिस्टम में एरर को लेकर India Government से माफी मांगी है. यह जानकारी सरकारी सूत्रों की ओर से दी गई.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि मेटा को स्पष्ट कर दिया गया था कि वे मध्यस्थ की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते. वे ही तय करते हैं कि सामग्री किसे मिलेगी. आईटी एक्ट के तहत सेफ हार्बर उन पर लागू नहीं होता.

उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ खास तरह की सामग्री को बढ़ावा देने के लिए बड़ी रकम का भुगतान किया गया था. उन्होंने माफी मांगी और अपनी गलती पर खेद व्यक्त किया.

इससे पहले सरकारी सूत्रों ने बताया था कि आईटी मंत्रालय ने मेटा समेत सभी social media प्लेटफॉर्म को स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा.

साथ ही, संसदीय समिति ने फेसबुक पर Prime Minister Narendra Modi की पोस्ट को कुछ समय के लिए ब्लॉक करने को लेकर मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से तीन दिनों के भीतर “बिना शर्त माफी” मांगने को कहा था.

अगर मेटा तय समय-सीमा के अंदर ऐसा नहीं कर पाता है, तो India में उसे मिलने वाली “सेफ हार्बर प्रोटेक्शन” खत्म हो सकती है.

Prime Minister का वीडियो गलत तरीके से हटाए जाने के मामले पर चर्चा करने के लिए मेटा के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी में आईटी सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की.

अधिकारियों ने मौजूदा नियमों का सख्ती से पालन करने की जरूरत पर जोर दिया और प्लेटफॉर्म के कथित गलत इस्तेमाल की घटनाओं पर चिंता जताई, जिसमें Prime Minister की पोस्ट को मनमाने ढंग से हटाना भी शामिल है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को तुरंत हल करने की जरूरत है.

जानकारी के मुताबिक, मेटा और दूसरे social media प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके पास पहले से ही कड़े इंटरनल नियम और फैक्ट-चेकिंग सिस्टम हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्लेटफॉर्म का जान-बूझकर या जानकारी के साथ कोई गलत इस्तेमाल नहीं होने दिया जाता.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भेजे गए एक पत्र के में संसदीय समिति ने Prime Minister के भाषण को हटाए जाने के मामले को बहुत गंभीरता से लिया. बताया जाता है कि यह वीडियो, जिसमें पीएम मोदी परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के मामलों पर Government की कार्रवाई के बारे में छात्रों और ‘जेन जी’ को संबोधित कर रहे थे,लगभग पांच से छह घंटे तक फेसबुक पर उपलब्ध नहीं था.

एबीएस