
New Delhi, 20 जुलाई . संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन यानी Monday को राज्यसभा में कई नए और पुनर्निर्वाचित सांसदों ने शपथ ग्रहण की. इसके साथ ही विभिन्न दलों के ये निर्वाचित सदस्य, उच्च सदन के सांसद हो गए. शपथ लेने वाले सांसदों में कर्नाटक से कांग्रेस के पवन खेड़ा, पश्चिम बंगाल से भाजपा की सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय, प्रकाश चिक बाराईक शामिल हैं.
वहीं, Madhya Pradesh से महेश केवट, Gujarat से डॉ. मुकेश भाई, Rajasthan से डॉ. सतीश पुनिया ने शपथ ली. सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही इन सांसदों को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ दिलाई गई. शपथ ग्रहण के बाद सभी सदस्यों ने राज्यसभा की कार्यवाही में भाग लेने के लिए अपनी औपचारिक जिम्मेदारियां संभाल लीं.
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा पार्टी का पक्ष रखने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हैं. वह कर्नाटक से निर्वाचित होकर पहली बार उच्च सदन में पहुंचे हैं. पार्टी की ओर से वे लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर Government के खिलाफ मुखर भूमिका निभाते रहे हैं और अब राज्यसभा में भी कांग्रेस की आवाज को मजबूती देने की जिम्मेदारी निभाएंगे.
वहीं, भाजपा की ओर से राज्यसभा पहुंचे कुछ नेताओं का Political सफर भी चर्चा का विषय रहा. सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बाराईक पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे हैं, लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया. ये सभी सांसद पश्चिम बंगाल से निर्वाचित होकर आए हैं. इन नेताओं के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने को भाजपा के पूर्वोत्तर और पूर्वी India में Political विस्तार के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
पूर्वोत्तर राज्यों का प्रतिनिधित्व भी राज्यसभा में मजबूत हुआ है. मिजोरम से खियांगटे लालत्लुआंगकीमा तथा मेघालय से नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के जेम्स पगसांग ने भी Monday को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली. सभी नेताओं को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन की मौजूदगी में शपथ दिलाई गई. शपथ ग्रहण के दौरान सदन में विभिन्न दलों के सदस्यों ने उनका स्वागत किया. हालांकि शपथ ग्रहण की प्रक्रिया के दौरान सदन में कुछ समय के लिए Political माहौल गर्म भी दिखाई दिया.
सुष्मिता देव और Madhya Pradesh से निर्वाचित महेश केवट के शपथ लेने के दौरान विपक्षी दलों के कई सांसदों ने नारेबाजी की. हालांकि शपथ ग्रहण की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रही और सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी शपथ पूरी की. राज्यसभा में नए सदस्यों के आगमन के साथ अब विभिन्न Political दलों की रणनीति और सदन में उनकी ताकत के समीकरणों पर भी नजर रहेगी.
आगामी सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. ऐसे में नए सदस्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. संसद के उच्च सदन में इन नेताओं के प्रवेश से विभिन्न Political दलों के प्रतिनिधित्व में व्यापक परिवर्तन हुआ है.
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जीसीबी/एसके
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