सर्वांगासन बढ़ती उम्र की समस्याओं को दूर करने में कारगर, अभ्यास के कई फायदे

New Delhi, 4 जून . बढ़ती उम्र के साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं परेशान करने लगती हैं, लेकिन योग के नियमित अभ्यास से इनसे काफी हद तक पार पाया जा सकता है. India Government के आयुष मंत्रालय ने वृद्धावस्था में स्वस्थ जीवन के लिए सर्वांगासन यानी शोल्डर स्टैंड को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी है.

विश्व योग दिवस 2026 के अवसर पर स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग थीम को अपनाया जा रहा है. मंत्रालय का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि योग सिर्फ युवाओं के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों खासकर बुजुर्गों के लिए भी लाभकारी है. सर्वांगासन जैसी क्रियाएं अपनाकर बढ़ती उम्र में भी सेहतमंद रहा जा सकता है.

यह आसन पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने और शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को संतुलित रखने में मददगार साबित होता है. सर्वांगासन को योग की महत्वपूर्ण मुद्राओं में से एक माना जाता है. इसमें शरीर को कंधों के बल पर उल्टा किया जाता है. यह आसन थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करता है, जिससे हार्मोन बैलेंस बना रहता है. साथ ही यह पेट की समस्याओं जैसे कब्ज, अपच और गैस को दूर करने में भी सहायक होता है.

यही नहीं, यह रक्त संचार सुधारने और मस्तिष्क को ऑक्सीजन पहुंचाने का भी यह अच्छा तरीका है. योग एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्वस्थ बुढ़ापा केवल शारीरिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर के अंदरूनी संतुलन को बनाए रखने से जुड़ा है. आज अगर हम छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाते हैं तो आने वाले वर्षों में स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था सुनिश्चित की जा सकती है. नियमित योग अभ्यास से उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कमजोरी, थकान और कई पुरानी बीमारियों से बचाव होता है.

हालांकि, शुरुआत में इस आसन को सही तरीके से सीखना जरूरी है. विशेषज्ञों की देखरेख में अभ्यास करने से चोट लगने का खतरा कम रहता है. योग एक्सपर्ट की सलाह के साथ इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें, खासकर जिन्हें गर्दन, पीठ या उच्च रक्तचाप की समस्या हो.

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