मैन्युफैक्चरिंग जीवीए वित्त वर्ष 23 से वित्त वर्ष 26 के बीच 10 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ा : केंद्र

New Delhi, 12 अगस्त . केंद्र Government ने Wednesday को कहा कि संशोधित सीरीज के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान स्थिर कीमतों पर मैन्युफैक्चरिंग जीवीए 10.88 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ा है.

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह ने Lok Sabha को बताया कि संबंधित सीरीज के तहत उपलब्ध डेटा “कुल सकल मूल्य वृद्धि (जीवीए) में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी में किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत नहीं देते हैं.”

Union Minister ने कहा कि Government ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत बनाने और बाहरी झटकों के प्रति इसकी कमजोरी को कम करने के लिए कई संरचनात्मक सुधार और पहल की हैं.

इनमें प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीमें, पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान, नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी, India औद्योगिक विकास योजना (भव्या), सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और एमएसएमई को बढ़ावा देने की पहल, सरफेस कोल/लिग्नाइट गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने की योजना, व्यापार करने में आसानी में सुधार और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनआईसीडीपी) शामिल हैं.

Union Minister के अनुसार, “इन सभी पहलों का मकसद घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना, आपूर्ति चेन में विविधता लाना, रणनीतिक क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम करना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना और India के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मकता को बेहतर बनाना है.”

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने राष्ट्रीय लेखा आंकड़ों के आधार वर्ष को 2011–12 से बदलकर 2022–23 कर दिया है, और संशोधित सीरीज फरवरी 2026 में जारी की गई थी.

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में बताया गया है कि मध्यम और उच्च-तकनीकी उद्योग अब India की मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू एडेड में 46.3 प्रतिशत का योगदान करते हैं, जो ज्यादा आधुनिक प्रोडक्शन स्ट्रक्चर की ओर धीरे-धीरे हो रहे बदलाव का संकेत है. सुधारों, सेक्टर-विशिष्ट पहलों और मजबूत सप्लाई चेन के साथ, मैन्युफैक्चरिंग आज 2047 तक India को 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के लिए विकास का इंजन बनी हुई है.

एबीएस