मणिपुर: ईडी ने मेसर्स बिरला एम्पोरियम प्राइवेट लिमिटेड मामले में 3 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की

इम्फाल, 27 जून . Enforcement Directorate (ईडी) के इम्फाल उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने मेसर्स बिरला एम्पोरियम प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स इरा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत लगभग 3.92 करोड़ रुपए मूल्य की 13 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है.

मणिपुर के थौबल, इम्फाल पूर्व और इम्फाल पश्चिम जिलों में स्थित ये संपत्तियां कंपनी के कर्मचारियों और संबद्ध व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत हैं. ईडी ने इम्फाल स्थित सीआईडी ​​(अपराध शाखा) द्वारा धारा 420 और 120-बी आईपीसी, 1860 के तहत दर्ज First Information Report के आधार पर जांच शुरू की.

जांच से पता चला कि युमनाम इराबंता सिंह और उनके सहयोगियों द्वारा नियंत्रित मेसर्स बिरला एम्पोरियम प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स इरा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, आरबीआई, सेबी या राज्य प्राधिकरणों से बिना किसी पंजीकरण के एक अनधिकृत और अनियमित जमा योजना चला रहे थे, जो बैंक/एनबीएफसी की तरह काम कर रही थी.

आरोप है कि इन संस्थाओं ने लगभग 5,511 निवेशकों से 3-5 प्रतिशत के अत्यधिक मासिक रिटर्न का वादा करके लगभग 253 करोड़ रुपए एकत्र किए, संपत्ति के बदले लगभग 100 करोड़ रुपए का ऋण दिया और प्राप्त राशि को संपत्तियों, शेयर बाजार और विदेशी मुद्रा निवेश में लगा दिया. ऋणों को सुरक्षित करने के लिए, उधारकर्ताओं की संपत्तियों को विक्रय विलेख द्वारा निदेशकों और कर्मचारियों के नाम पर हस्तांतरित कर दिया गया.

वर्तमान कार्रवाई के तहत, ईडी ने इस मामले में अब तक लगभग 65.5 करोड़ रुपए मूल्य की 219 अचल संपत्तियों को जब्त किया है (लगभग 61.6 करोड़ रुपए मूल्य की 206 संपत्तियां पहले जब्त की जा चुकी हैं, जिन्हें पीएमएलए के न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा पुष्टि की जा चुकी है). 6 जून 2025 को इम्फाल स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय में अभियोजन शिकायत दर्ज की गई थी और 18 अगस्त 2025 को संज्ञान लिया गया था. आगे की जांच जारी है.

एमएस/