50 से ज्यादा भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी पर मणिकम टैगोर ने लोकसभा महासचिव को लिखा पत्र

New Delhi, 13 अगस्त . कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों की लगातार गिरफ्तारी के मुद्दे को लेकर Lok Sabha महासचिव को पत्र लिखा है. उन्होंने विदेश मंत्री से Thursday को इस गंभीर मुद्दे पर सदन में बयान देने की मांग की है.

नियम 197 के तहत Lok Sabha महासचिव को दिए गए नोटिस में मणिकम टैगोर ने कहा, “मैं Government का ध्यान श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों की बार-बार गिरफ्तारी और हिरासत में लिए जाने की ओर दिलाना चाहता हूं. विशेषकर रामेश्वरम और तमिलनाडु के अन्य तटीय जिलों के मछुआरे इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.”

उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को श्रीलंकाई नौसेना ने उरुमालेई पॉइंट, तालैमन्नार के पास 9 भारतीय मछुआरों और उनकी ट्रॉलर को पकड़ लिया. आरोप है कि वे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार करके श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछली पकड़ रहे थे.”

इससे पहले 6 अगस्त को रामेश्वरम के 11 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक महीने में श्रीलंकाई अधिकारियों ने रामेश्वरम के 50 से ज्यादा मछुआरों को गिरफ्तार किया है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि पाक जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) का इलाका बेहद संकरा और मुश्किल है. इंजन खराब होने, खराब मौसम, तेज हवा, समुद्री धारा, कम दृश्यता या नेविगेशन की दिक्कत के कारण मछुआरे गलती से आईएमबीएल पार कर जाते हैं.

उन्होंने मांग की कि आकस्मिक सीमा पार करने को जानबूझकर की गई अवैध मछली पकड़ने से अलग करके देखा जाना चाहिए. राज्यसभा में 23 जुलाई को दी गई जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “इस समय 30 भारतीय मछुआरे और 171 मछली पकड़ने वाली नावें श्रीलंका की हिरासत में हैं. वहीं 2023 से अब तक 1,306 भारतीय मछुआरे गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 179 नावें जब्त की गई हैं.

उन्होंने कहा, “एक स्थायी द्विपक्षीय तंत्र बनाया जाए ताकि जो मछुआरे गलती से आईएमबीएल पार कर जाएं उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय चेतावनी देकर, मदद करके सुरक्षित वापस भेजा जाए.”

साथ ही उन्होंने मांग की कि भारतीय तटरक्षक और श्रीलंकाई नौसेना के बीच 24 घंटे का संचार तंत्र स्थापित किया जाए ताकि आपात स्थिति की पुष्टि हो सके और आकस्मिक सीमा पार करना गिरफ्तारी का कारण न बने.

उन्होंने कहा, “Government को हिरासत में लिए गए मछुआरों और नावों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करनी चाहिए और हमारे तटीय मछुआरा समुदायों की आजीविका और सम्मान की रक्षा करनी चाहिए.”

पीएम