शहीदों और उनके परिवारों से धोखा करने के बाद अब अकेली खड़ी हैं ममता : दिलीप घोष

कोलकाता, 21 जुलाई . पश्चिम बंगाल में शहीद दिवस के अवसर पर मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि शहीद दिवस का मंच विरोध प्रदर्शन का नहीं बल्कि शहीदों को श्रद्धांजलि देने का मंच है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कार्यक्रम पहले 21 जुलाई को था, तो टीएमसी नेताओं को एक रात पहले से धरने पर बैठने की क्या आवश्यकता थी.

पश्चिम बंगाल Government में मंत्री दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि टीएमसी के इस कार्यक्रम में जनता का समर्थन नहीं दिखा. दिन हो या रात, आपके साथ कोई नहीं आएगा. आपने शहीदों के साथ धोखा किया, उनके परिवारों को धोखा दिया और अब जनता को भी धोखा दिया है. इसी कारण आज आपके साथ कोई नहीं खड़ा है.

टीएमसी के दो गुटों द्वारा अलग-अलग आयोजित शहीद दिवस कार्यक्रमों पर टिप्पणी करते हुए घोष ने कहा कि पार्टी के भीतर ही मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कोई ‘वोल्टेज’ नहीं है, सब ‘लो वोल्टेज’ हैं. यह कार्यक्रम केवल अपना अस्तित्व दिखाने का प्रयास है, जबकि समाज शहीदों का सम्मान करेगा.”

स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी मंत्री ने पूर्व की Government को घेरा. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों की स्थिति पहले बेहद खराब थी. ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी कभी सरकारी अस्पतालों का दौरा नहीं करते. इलाज के लिए आप विदेश चले जाते हैं, लेकिन एक बार जाकर देखिए कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज किस तरह होता है.

दिलीप घोष ने शहीदों के परिवारों को दिए गए मुआवज़े के मुद्दे पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि अदालत ने शहीदों के परिवारों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था, लेकिन पहले की Government में अधिकारियों ने केवल 2 लाख रुपये दिए और शेष राशि का भुगतान नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह शहीदों के परिवारों के साथ अन्याय किया जा रहा था. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 21 जुलाई की गोलीबारी के लिए जिम्मेदार लोगों को बाद में मंत्री, सांसद और विधायक जैसे महत्वपूर्ण पद दिए गए, जबकि शहीदों के परिवारों की लगातार उपेक्षा की गई.

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