कोलकाता में ममता बनर्जी की विरोध पदयात्रा रही फीकी, प्रस्तावित जनसभा रद्द

कोलकाता, 17 जून . तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी ने Wednesday को राज्यभर में हाल ही में चलाए गए फेरीवालों (हॉकरों) के बेदखली अभियान के विरोध में मध्य कोलकाता में पदयात्रा निकाली. हालांकि, इस कार्यक्रम में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ नहीं जुटी और यह विरोध प्रदर्शन फीका नजर आया.

एस्प्लेनेड से सुभाष मल्लिक स्क्वायर तक निकाली गई इस पदयात्रा के समापन पर पहले एक जनसभा आयोजित करने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया. पदयात्रा समाप्त होने के बाद ममता बनर्जी बिना संबोधन दिए ही वहां से रवाना हो गईं.

हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार और ममता बनर्जी की व्यक्तिगत चुनावी हार के बाद उन्होंने अपने Political कार्यक्रमों को काफी सीमित कर दिया है. वह ज्यादातर social media पर वीडियो संदेशों के जरिए ही अपनी बात रखती रही हैं.

पिछले महीने दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में उनके भतीजे और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद 2 जून को उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया था, जो उनका पिछला सार्वजनिक कार्यक्रम था.

Wednesday की इस विरोध पदयात्रा में भी पार्टी के केवल कुछ प्रमुख नेता ही शामिल हुए और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता या समर्थक नहीं पहुंचे.

Political विश्लेषकों का मानना है कि इस कार्यक्रम के कमजोर रहने की एक बड़ी वजह यह है कि विधानसभा और Lok Sabha में पार्टी के विधायी और संसदीय दल पर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रही है.

गौर करने वाली बात यह भी रही कि कई वरिष्ठ तृणमूल नेता, जो सार्वजनिक रूप से ममता और अभिषेक बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा जताते हैं, वे भी इस पदयात्रा से दूर रहे.

हॉकरों के खिलाफ चलाए गए बेदखली अभियान के अलावा इस विरोध मार्च में राज्य के विभिन्न हिस्सों में तृणमूल कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों और पार्टी नेताओं की कथित झूठे मामलों में लगातार हो रही गिरफ्तारियों के मुद्दे भी उठाए गए.

डीएससी