तमिलनाडु में निवेश आकर्षित करने की बड़ी तैयारी, चेन्नई इन्वेस्टर्स समिट में 67,452 करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर होने की संभावना

चेन्नई, 13 अगस्त . तमिलनाडु Government Thursday को चेन्नई में ‘वेत्री तमिलनाडु इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन करने जा रही है. Chief Minister सी. जोसेफ विजय की अगुवाई में आयोजित यह सम्मेलन राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित करने की Government की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है. Government ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों के भीतर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश लाने का लक्ष्य रखा है.

गिंडी में आयोजित होने वाले इस समिट में राज्य Government के वरिष्ठ अधिकारी, देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक और कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. सम्मेलन के दौरान तमिलनाडु Government 97 कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने जा रही है.

इन प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में 67,452 करोड़ रुपए के निवेश आने की उम्मीद है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में 1,06,998 रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है.

यह निवेशक सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब टीवीके Government सत्ता संभालने के बाद अपने 96 दिन पूरे करने जा रही है. Chief Minister जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के 12वें Chief Minister के रूप में शपथ ली थी, जब उनकी पार्टी ने 17वीं विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी.

सत्ता में आने के बाद Government ने प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है.

Government ने पिछले तीन महीनों के दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ लगातार संपर्क बढ़ाया है और तमिलनाडु को विनिर्माण, प्रौद्योगिकी तथा सेवा क्षेत्र के निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है. इसी रणनीति का परिणाम है कि Government अपने पहले 100 दिनों के भीतर कुल 104 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद कर रही है.

इन सभी प्रस्तावित समझौतों को मिलाकर राज्य में 1,02,514 करोड़ रुपए के निवेश और लगभग 1,21,788 नौकरियों के सृजन का अनुमान लगाया गया है.

इनमें से अधिकांश निवेश प्रतिबद्धताएं Thursday को होने वाले निवेशक सम्मेलन में घोषित होने की संभावना है.

राज्य Government के अधिकारियों का मानना है कि ये परियोजनाएं तमिलनाडु के औद्योगिक आधार को और मजबूत करेंगी तथा कुशल कामगारों, स्नातकों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेंगी. निवेश प्रस्तावों में विनिर्माण, तकनीक, सेवाएं और अन्य उभरते क्षेत्रों को शामिल किए जाने की संभावना है.

Government इस अवसर पर यह भी स्पष्ट कर सकती है कि निवेश समझौतों को केवल कागजी स्तर पर सीमित न रखकर उन्हें जमीन पर तेजी से लागू करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे. इनमें तेज मंजूरी (फास्ट ट्रैक क्लीयरेंस), विभिन्न विभागों के बीच समन्वित सहयोग और निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं.

Thursday का यह सम्मेलन नई Government के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. Government इसे इस बात के प्रमाण के तौर पर पेश करना चाहती है कि वह कम समय में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन की दिशा में ठोस प्रगति करने में सक्षम है. सम्मेलन के दौरान निवेश करने वाली कंपनियों, परियोजनाओं के स्थान और क्षेत्रवार निवेश से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी साझा किए जाने की संभावना है.

डीबीपी