
कोलकाता, 21 जून . टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने Sunday को नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के social media हैंडल पर उसके गरीबों के हितैषी होने के दावों का मजाक उड़ाया.
Sunday को अपने social media पोस्ट में मोइत्रा ने इस बात पर भी शक जताया कि एनसीपीआई अपनी गरीबों के हक वाली इमेज कब तक बनाए रख पाएगी, जबकि 20 बागी तृणमूल कांग्रेस के Lok Sabha सदस्य त्रिपुरा की लगभग न के बराबर पॉलिटिकल पार्टी में शामिल हो गए हैं.
महुआ के पोस्ट पर बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पलटवार किया. उन्होंने आर जी कर मामले का जिक्र करते हुए लिखा कि अभया के लिए न्याय मांगता है बंगाल, अभया के लिए न्याय मांगता है भारत, अभया के लिए न्याय मांगता है मानवता. हम असली बलात्कारी के लिए मौत की सजा चाहते हैं.
दूसरी ओर, मोइत्रा social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एनसीपीआई अब टीएमसी के सिंबल पर चुने गए 20 सांसदों की नई पार्टी है. इसके फेसबुक पेज पर लिखा है, ‘यह हमारे समाज के गरीब लोगों की मदद करती है.’ सच में उम्मीद है कि यह इन 20 लोगों, जो इतने गरीब नहीं हैं, गद्दारों की भी मदद करेगी.
महुआ तृणमूल कांग्रेस के उन कुछ Lok Sabha सदस्यों में से एक हैं जो पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के प्रति अपनी वफादारी बनाए हुए हैं.
जब से चार बार के Lok Sabha सदस्य डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय के नेतृत्व में 20 बागी Lok Sabha सदस्य टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हुए हैं. मोइत्रा इसकी सबसे मुखर आलोचना कर रही हैं, चाहे वह social media पर हो या मीडियाकर्मियों से बात करते समय.
इस बीच, मोइत्रा ने राज्य Police द्वारा तृणमूल कांग्रेस के तीन ऑफिशियल बैंक अकाउंट फ्रीज करने के कदम की भी आलोचना की है. तृणमूल कांग्रेस के पूर्व ट्रेजरर और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री, अरूप बिस्वास द्वारा संबंधित बैंक अधिकारियों को लिखे गए एक लेटर के बाद ये अकाउंट फ्रीज किए गए थे, जिसमें इन बैंक अकाउंट को फ्रीज करने का अनुरोध किया गया था.
बिस्वास का बैंक अधिकारियों को लिखा गया लेटर विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुछ बागी विधायकों द्वारा Police में की गई शिकायतों के बाद आया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पिछली ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली Government के दौरान भ्रष्टाचार से कमाया गया पैसा इन बैंक अकाउंट में जमा किया गया था. इसके बाद, बैंक अधिकारियों ने इन बैंक अकाउंट से डेबिट ट्रांजैक्शन फ्रीज करने का फैसला किया.
बागी विधायकों के इस आरोप पर मोइत्रा ने कहा कि इस बागी ग्रुप को, चाहे वे सांसद हों या विधायक, पहले यह साफ करना चाहिए कि हाल ही में हुए असेंबली इलेक्शन में कैंपेन के खर्च के लिए पार्टी ने उन्हें जो फंड दिया था, वह अकाउंटेड था या अनअकाउंटेड.
महुआ मोइत्रा ने कहा कि अगर आपको लगता है कि आपने अपने कैंपेन में अनअकाउंटेड पैसे का इस्तेमाल किया और चुने भी गए, तो यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी है कि आप कुर्सी से इस्तीफा दे दें. लेकिन मुझे पता है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे. वे बेशर्म लोग हैं. वे दोनों तरफ से फायदा उठाना चाहते हैं.
–
डीकेएम/डीएससी
Skip to content