
Mumbai , 29 मई . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Friday को कहा कि Maharashtra कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्रांति का नेतृत्व करने की मजबूत स्थिति में है और आने वाले समय में यह क्षेत्र न केवल India बल्कि पूरी दुनिया में विकास का अगुआ बनेगा.
Mumbai टेक वीक 2026 के उद्घाटन अवसर पर दिए गए एक साक्षात्कार में Chief Minister ने कहा कि Mumbai की वित्तीय ताकत, तकनीकी विशेषज्ञता, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और नई तकनीकों को तेजी से अपनाने की क्षमता Maharashtra को एआई क्षेत्र में अग्रणी बनाती है.
फडणवीस ने बताया कि राज्य Government ने एआई क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश, 1.5 लाख रोजगार सृजन, छह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और विशेष एआई इनोवेशन जोन विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
उन्होंने कहा कि एआई अनुसंधान और नवाचार को गति देने के लिए राज्य Government ‘कंप्यूट-एज-ए-सर्विस’ अवसंरचना तैयार कर रही है. इसके तहत स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को 2,000 जीपीयू उपलब्ध कराए जाएंगे.
Chief Minister ने कहा, “जब उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधाएं महंगी होती हैं तो नवाचार की रफ्तार धीमी पड़ जाती है. इसलिए Maharashtra Government आवश्यक तकनीकी अवसंरचना सीधे उपलब्ध करा रही है.”
उन्होंने कहा कि Government केवल नीतिगत ढांचा तैयार कर सकती है, लेकिन वास्तविक स्टार्टअप इकोसिस्टम उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं के प्रयासों से बनता है. उन्होंने बताया कि दिसंबर 2022 में तकनीकी उद्यमियों के संगठन की परिकल्पना की गई थी और आज बड़ी संख्या में स्टार्टअप, निवेशक और वैश्विक कंपनियां Maharashtra से जुड़ रही हैं.
फडणवीस ने दावा किया कि निवेश और स्टार्टअप्स की संख्या के मामले में Maharashtra लगातार तीन वर्षों से देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है.
उन्होंने देश और विदेश से Mumbai टेक वीक में शामिल स्टार्टअप्स और तकनीकी कंपनियों को Maharashtra में निवेश करने का खुला निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि यह तकनीक और एआई क्षेत्र में काम करने वालों के लिए सबसे बेहतर दौर है और Maharashtra इसके लिए आदर्श मंच उपलब्ध कराता है.
Chief Minister ने कहा कि राज्य Government केवल इनक्यूबेशन और एक्सेलेरेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘फंड ऑफ फंड्स’ के माध्यम से निवेश सहायता भी प्रदान कर रही है. Government उद्यमियों की साझेदार बनकर हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है.
उन्होंने बताया कि राज्य Government के विभिन्न विभागों में एआई का व्यापक उपयोग किया जा रहा है. किसानों के लिए विकसित ‘महा-विस्तार’ ऐप को उन्होंने किसानों के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ बताया. इस ऐप को केंद्र Government ने इंडिया एआई समिट में देश का सर्वश्रेष्ठ कृषि तकनीक समाधान माना था. इसकी सफलता के बाद राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया-विस्तार’ ढांचा विकसित किया जा रहा है.
फडणवीस ने कहा कि भवन निर्माण अनुमति प्रक्रिया में एआई आधारित प्रणाली लागू करने से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी. वहीं अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए विकसित ‘क्राइम ओएस’ प्लेटफॉर्म से जांच, आरोपपत्र दाखिल करने और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी.
उन्होंने कहा, “पहले 15 हजार पन्नों का आरोपपत्र तैयार करने में तीन से चार महीने लगते थे, लेकिन एआई की मदद से यह काम अब 10 से 12 दिनों में पूरा किया जा सकता है.”
Chief Minister ने बताया कि एआई का उपयोग चिकित्सा बीमा योजनाओं में धोखाधड़ी की पहचान, सरकारी मानव संसाधन प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने में भी किया जा रहा है. राज्य Government ने विभिन्न विभागों के लिए 50 विशेष एआई इंजन विकसित करने का लक्ष्य तय किया है.
डेटा सुरक्षा, भरोसे और डीपफेक जैसी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा कि राज्य की एआई नीति का मूल आधार ‘एथिकल एआई’ है. उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे सभी के लिए सुलभ बनाया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी एआई का लाभ मिलना चाहिए और इसके विकास में मानवीय हस्तक्षेप तथा मूल मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखा जाना चाहिए.
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डीएससी
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