महाराष्ट्र: दिल्ली में छात्र विरोध प्रदर्शन स्थल पहुंचे रोहित पवार, सरकार पर साधा निशाना

New Delhi, 24 जुलाई . राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने Saturday को राष्ट्रीय राजधानी में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन स्थल का दौरा कर एकजुटता व्यक्त की.

प्रदर्शन नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात के बाद, पवार ने आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया, केंद्र Government पर तीखे हमले किए, और India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के महाभियोग की मांग की.

उन्होंने Police कार्रवाई की कड़ी निंदा की और छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया.

मीडिया को संबोधित करते हुए पवार ने विरोध प्रदर्शन की राष्ट्रव्यापी गूंज पर प्रकाश डाला और इसे व्यवस्थागत विफलताओं के खिलाफ एक समावेशी सत्याग्रह बताया.

पवार ने कहा कि यह सत्याग्रह नीट पेपर लीक के बाद शुरू हुआ था और इस उद्देश्य के लिए जंतर-मंतर पर यह मेरी पहली यात्रा है. छात्र, अभिभावक और वरिष्ठ नेता सभी यहां एकत्रित हुए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि Government पर दबाव बढ़ रहा है. मैंने अभिजीत भाऊ से मुलाकात कर अपना समर्थन दोहराया.

न्यायपालिका पर सीधा निशाना साधते हुए पवार ने मुख्य न्यायाधीश द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों पर निराशा व्यक्त की और दावा किया कि ये लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कमजोर करते हैं.

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका संस्था में हमारा पूरा विश्वास है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का हालिया बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. हम सर्वोच्च न्यायालय के संवैधानिक पद का सम्मान करते हैं, लेकिन अब हमें मुख्य न्यायाधीश के पद पर आसीन व्यक्ति पर भरोसा नहीं रहा.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग के साथ-साथ पवार ने Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से संवैधानिक कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया.

उन्होंने आगे कहा कि चूंकि मुख्य न्यायाधीश लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बोल रहे हैं, इसलिए मैं राहुल गांधी से संसद में उनके खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध करता हूं.

पवार ने प्रदर्शनों से निपटने के तरीके और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, विशेषकर महिलाओं और छात्रों के खिलाफ कथित हिंसा को लेकर दिल्ली Police की जमकर आलोचना की.

उन्होंने युवा प्रदर्शनकारियों को फंसाने की जानबूझकर की गई कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि 20 जुलाई से पहले क्षतिग्रस्त वाहनों को घटनास्थल पर लाकर युवाओं पर तोड़फोड़ का झूठा आरोप लगाया गया. इस बात की प्रबल आशंका है कि आज या कल भी ऐसी ही चालें दोहराई जा सकती हैं.

एमएस/