महाराष्ट्र: तबादले के आदेश के खिलाफ नर्सों का प्रदर्शन, फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग

छत्रपति संभाजीनगर, 21 मई . Maharashtra गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन के बैनर तले घाटी अस्पताल की नर्सों ने Thursday को प्रशासनिक तबादला आदेशों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रही नर्सों ने Government से तबादला प्रक्रिया को तुरंत वापस लेने की मांग की. इस दौरान Government के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई.

प्रदर्शन के दौरान नर्सों ने कहा कि लगातार तबादलों से कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों, को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हर तीन साल में तबादले होने से पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित होता है.

नर्सेज फेडरेशन Maharashtra की अध्यक्ष इंदुमती ने कहा कि नर्सिंग पेशे में अधिकतर महिलाएं कार्यरत हैं और उनके तबादले से पूरे परिवार पर असर पड़ता है. कई नर्सों के छोटे-छोटे बच्चे हैं और वे अपने बुजुर्ग माता-पिता और सास-ससुर की भी देखभाल करती हैं. ऐसे में तबादले से महिलाओं के सामने कई व्यावहारिक समस्याएं खड़ी हो जाती हैं.

उन्होंने कहा कि किसी भी नर्स पर भ्रष्टाचार या किसी आर्थिक अनियमितता का आरोप नहीं है, फिर भी तबादले किए जा रहे हैं. उन्होंने Government से अपील की कि इस फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस लिया जाए.

वहीं, स्टाफ सदस्य मकरंद ने कहा कि Government की ओर से किए जा रहे तबादले के खिलाफ हम सड़क पर उतरे हैं. घाटी अस्पताल में पहले से ही हर दो-तीन साल में वार्ड स्तर पर आंतरिक तबादले होते रहते हैं. नर्सों का तबादला किसी आर्थिक लाभ या भुगतान प्रणाली से जुड़ा नहीं है, इसलिए इस तरह की व्यापक तबादला प्रक्रिया उचित नहीं है. Government के इस कदम के पिछे का उद्देशय साफ नहीं हो पा रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि यदि इस प्रकार के तबादले लागू किए जाते हैं तो इसका सीधा असर महिला कर्मचारियों और उनके परिवारों पर पड़ेगा. ट्रांसफर होने की वजह से हमें पूरे परिवार के साथ दूसरे जगह शिफ्ट होना पड़ेगा. Government को हमें तबादला प्रक्रिया से अलग रखना चाहिए. इस संबंध में Government को आदेश जारी करना चाहिए.

प्रदर्शन कर रहे नर्सों ने चेतावनी दी कि यदि Government ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.