महाराष्ट्र : अमित सातम ने बीएमसी मेयर और कमिश्नर को लिखी चिट्ठी, जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड घोटाले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

Mumbai , 5 मई . Mumbai नगर निगम (बीएमसी) में सामने आए बड़े जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड घोटाले को लेकर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया आई है. Mumbai भाजपा अध्यक्ष और विधायक अमित सातम ने मेयर ऋतु तावड़े और बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करने और उनके खिलाफ First Information Report दर्ज करने की मांग की है.

सातम ने पत्र में कहा कि बीएमसी की जांच में 87,000 से अधिक जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड में गड़बड़ियां सामने आई हैं. इनमें कई संदिग्ध एंट्रीज अनिवार्य सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरसी) के बजाय एसएपी पोर्टल पर दर्ज की गई थीं, जिनकी प्रामाणिकता अभी जांच के दायरे में है. विधायक अमित सातम ने लिखा, “बीएमसी को सभी नकली रजिस्ट्रेशनों को वार्ड-वार अलग करना चाहिए और इसमें शामिल मेडिकल हेल्थ अधिकारियों (एमएचओ) की पहचान करनी चाहिए. दोषी अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए और उनके खिलाफ उचित धाराओं में First Information Report दर्ज की जाए.”

उन्होंने इस घोटाले को बेहद गंभीर बताते हुए चेतावनी दी कि इससे घुसपैठियों को नकली जन्म या मृत्यु प्रमाण-पत्र आसानी से मिल सकते थे. सातम ने कहा, “इससे वे सरकारी सिस्टम में घुस सकते थे, जिससे Mumbai शहर की सुरक्षा और हिफाजत को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था.”.

बीएमसी की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 से 2026 के बीच एसएपी सिस्टम के जरिए 87,000 से ज्यादा सुधार किए गए, जबकि सीआरएस पोर्टल पर केवल 33,772 एंट्री ही दर्ज हुईं. जांच में यह भी सामने आया कि कई वार्डों के एमएचओ ने India के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पुराने एसएपी-सीपीडब्ल्यूएम सिस्टम पर भी अनधिकृत बदलाव किए.

अमित सातम ने मांग की कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे घोटाले न दोहराए जा सकें. अमित सातम ने पत्र में जोर देते हुए कहा, “जनता के हित और शहर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीएमसी प्रशासन को तुरंत प्रभावी कदम उठाने चाहिए. नकली दस्तावेजों से जुड़ा यह घोटाला सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर सुरक्षा की अनदेखी भी हो सकता है.”

यह मामला Mumbai जैसे महानगर में रिकॉर्ड रखरखाव की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है. भाजपा ने इसे गंभीर मुद्दा बनाते हुए मेयर और कमिश्नर से जल्द से जल्द कार्रवाई की अपील की है. बीएमसी सूत्रों के अनुसार, पत्र प्राप्त हो गया है और मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं. विपक्षी दलों ने भी इस घोटाले पर बीएमसी प्रशासन से जवाब मांगा है.

एससीएच