प्रताप की परंपरा का पालन किया महाराणा फतह सिंह ने – प्रो.माथुर · Indias News

प्रताप की परंपरा का पालन किया महाराणा फतह सिंह ने – प्रो.माथुर

उदयपुर (Udaipur). महाराणा फतहसिंह स्वतंत्रता के पक्षधर थे. सम्राट पंचम जार्ज की गद्दीनशीनी के उपलक्ष मैं दिसंबर 12, 1911 इ  को आयोजित दिल्ली दरबार मैं देश के सभी राजा महाराजा सम्मिलित हुए. सरकार (Government) के विशेष आग्रह पर महाराणा दिल्ली तो पहुंचे किन्तु वे अपने वंश गौरव का विचार कर न तो शाही जुलुस मैं और ना ही दरबार मैं सम्मिलित हुए.

सरकारी फाईलो से जानकारी मिलती है की अनुशीलन दल बंगाल के क्रन्तिकारी संगठन के सदस्य कुमारा नंद (जीतेन्द्र नाथ) को 1907  इ. खेती के विशेषज्ञ के बहाने बुला कर अपने यहाँ क्रांतिकारी   गतिविधिया संचालित करने के लिए भूमि उपलब्ध करवाने को कहा. महाराणा ने आई.जी.पी.पुलिस (Police) को अंदरूनी तौर पर आदेश दिया था की यदि भूपसिंह (विजय सिंह पथिक)आपके सामने पड़ जाय तो उसको गिरफ्तार ना कर एक तरफ निकल जाना.

स्वतंत्र रूप से ब्रिटिश विरोधी गतिविधियों के चलने के कारन ही तत्कालीन मेवाड़ के पॉलिटिकल्स  एजेंट ऐ. जी.जी को लिखा की यह सुचना है की भारत मैं यदि कोई विद्रोह होता है तो उसका केंद्र मेवाड़ ही  होगा. महाराणा फतहसिंह के काल मैं आर्य समाज द्वारा ब्रिटिश विरोधी गतिविधियां निर्बाध रूप से चलती रही.

Check Also

10 साल की मंदबुद्धि सगी बहन से साथियों संग मिलकर गैंगरेप और हत्या

जयपुर, जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के मनोहरपुर थाना क्षेत्र में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली …