कालकाजी मंदिर मार्ग में गंदगी और अतिक्रमण से श्रद्धालुओं की भावना आहत: महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत

New Delhi, 17 जून . दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर परिसर के बाहर बढ़ती गंदगी और अनधिकृत दुकानों को लेकर मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने चिंता जताई है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप कर मंदिर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त और स्वच्छ बनाने की मांग की है. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में कारोबार कर रहे वेंडरों के सत्यापन की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने से बातचीत में Wednesday को कहा कि कालकाजी मंदिर एक सिद्धपीठ है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसके बावजूद मंदिर के प्रवेश द्वार और आसपास के क्षेत्र में गंदगी का अंबार दिखाई देता है, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना प्रभावित होती है. उन्होंने बताया कि श्मशान घाट से लेकर लोटस टेंपल तक बड़ी संख्या में अनाधिकृत रूप से दुकानें संचालित की जा रही हैं, जिनकी वजह से क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है.

उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर सड़क किनारे भंडारों का आयोजन किया जाता है, जिसके बाद उपयोग किए गए पत्तलों और अन्य कचरे का ढेर लग जाता है. इससे न केवल मंदिर जाने वाले मार्ग पर गंदगी फैलती है, बल्कि श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है. महंत ने कहा कि मंदिर आने वाले भक्तों के मन पर इस स्थिति का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और यह धार्मिक स्थल की गरिमा के अनुरूप नहीं है.

प्रशासन से अपील करते हुए महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने कहा कि इस समस्या पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए और मंदिर मार्ग को पूरी तरह स्वच्छ रखा जाना चाहिए. उन्होंने स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों से भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की मांग की. उनका कहना है कि कालकाजी मंदिर क्षेत्र स्थानीय नेताओं की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है.

उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार टेलीफोन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और लोगों को सुझाव दिए गए थे, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला. महंत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मंदिर के बाहर मौजूद सभी अनाधिकृत दुकानों को हटाया जाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिल सके.

इसके अलावा, उन्होंने वेंडरों के सत्यापन की मांग करते हुए कहा कि मंदिर परिसर और आसपास व्यापार करने वाले लोगों का उचित रिकॉर्ड और सत्यापन होना चाहिए. उनका मानना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी.