राम मंदिर विवाद पर महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास बोले- आस्था को ठेस पहुंचाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई

जम्मू, 28 जून . श्री अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर जम्मू में महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास ने Sunday को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी और लोगों से उत्साह के साथ यात्रा में शामिल होने की अपील की. उन्होंने राम मंदिर विवाद को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और सनातन धर्म और हिंदू समाज की आस्था को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास ने से बात करते हुए राम मंदिर से जुड़े विवाद पर कहा कि देश की आजादी के बाद बनी व्यवस्थाओं में धर्म और संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि समाज में ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, “जब देश आजाद हुआ और सत्ता में Governmentें आईं, तब जो व्यवस्थाएं बनीं, उसमें धर्म और संस्कृति के प्रति जो सम्मान और भय होना चाहिए था, वह हिंदू समाज के मन में नहीं रहा. जो कानून और व्यवस्थाएं बनीं, उनमें ईमानदारी का होना बहुत जरूरी था.”

महंत रामेश्वर दास ने कहा कि जो लोग आज राम मंदिर से जुड़े मामलों पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपने कार्यों का आत्ममंथन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में हुई घटना की वह कड़ी निंदा करते हैं. उन्होंने इसे हिंदू समाज को कलंकित करने और लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला बताया.

उन्होंने कहा, “राम मंदिर में जो प्रकरण हुआ है, उसकी हम घोर भर्त्सना करते हैं. हिंदू समाज को कलंकित करने और लोगों की आस्था को खंडित करने का काम हुआ है, जिससे हम चिंतित हैं. जिसने गलत किया है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.”

महामंडलेश्वर ने समाज में बढ़ती भौतिक सोच पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आज के समय में कई लोग धन को प्राथमिकता देने लगे हैं और इसके लिए गलत रास्तों का सहारा लेते हैं. उन्होंने कहा कि एक साधु होने के नाते वह सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगे और समाज में ईमानदारी तथा नैतिकता को बढ़ावा देने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, “सच बोलना आज के वक्त में बहुत बड़ा गुनाह माना जाता है. चापलूसी का सिस्टम चल रहा है. ऐसे विचारों और कार्यों को समाज से बाहर करना होगा. चाहे वह नेता हो, प्रशासनिक व्यक्ति हो या कोई साधु-संत, सभी को गलत सोच छोड़कर ईमानदारी के रास्ते पर चलना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि व्यक्ति चाहे कितना भी धन एकत्र कर ले, लेकिन मृत्यु के बाद कुछ साथ नहीं जाता. इसलिए अधर्म के रास्ते पर चलकर समाज की भावनाओं को आहत करने का कोई औचित्य नहीं है.

वहीं, श्री अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि यात्रा से पहले प्रेस वार्ता करने की परंपरा रही है और इसी क्रम में यह आयोजन किया गया. उन्होंने बताया कि एक जुलाई से यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे और दो जुलाई को उपGovernor के माध्यम से यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा.

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वे निडर होकर बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए आएं. उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं है और प्रशासन तथा सुरक्षा बल बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं.

महंत रामेश्वर दास ने प्रशासन और सेना के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में यात्रियों के लिए अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा.

उन्होंने कहा, “लाखों लोग बाबा के दर्शन के लिए आएंगे. हम सभी को मिलकर इस यात्रा में सेवा करनी चाहिए. यह जीवन हमें मिला है, यह दोबारा मिलेगा या नहीं, इसके बारे में किसी को पता नहीं है. इसलिए सेवा और धर्म के कार्यों में आगे बढ़कर योगदान देना चाहिए.”

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