
मदुरै, 25 मई . तमिलनाडु भाजपा ने Monday को मदुरै स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास 17 वर्षीय किशोर की बेरहमी से हत्या की घटना के बाद राज्य Government पर तीखा हमला बोला. पार्टी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए. राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नगेंद्रन ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है और Government अपराधों से निपटने में विफल रही है.
तमिलनाडु भाजपा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़े बयान में मीनाक्षी मंदिर के पास 17 वर्षीय किशोर की हत्या की घटना को “गहरा चौंकाने वाला” बताया और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की.
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नगेंद्रन ने Chief Minister पर सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को हर दिन इस डर में नहीं जीना चाहिए कि कहीं हत्या हो गई या कोई महिला अपराध का शिकार हुई है. उन्होंने पूछा कि “Chief Minister विजय को शासन के बुनियादी सिद्धांत सीखने से पहले और कितनी जानें जानी चाहिए?”
नगेंद्रन ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जिस Government ने कानून-व्यवस्था को लेकर पिछली Government की आलोचना की थी, उसे सत्ता में आने के बाद इस समस्या को प्राथमिकता से हल करना चाहिए था.
यह टिप्पणी उस घटना के बाद आई है जिसमें Monday तड़के मदुरै कॉरपोरेशन के वाहन पार्किंग क्षेत्र के पास एक किशोर की हत्या कर दी गई. Police के अनुसार, पीड़ित उस समय वहीं सो रहा था जब पांच लोगों का एक गिरोह हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचा और उस पर हमला कर दिया.
जांच के बाद Police ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें मुथुमणि नाम का एक युवक भी शामिल है.
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह हत्या हाल ही में हुए चिथिरई उत्सव के दौरान हुए विवाद से जुड़ी पुरानी रंजिश का परिणाम हो सकती है. Police सूत्रों के अनुसार, मृतक के खिलाफ भी कुछ आपराधिक मामले दर्ज थे.
इस घटना ने एक बार फिर दक्षिण तमिलनाडु में बार-बार सामने आने वाले हिंसक अपराधों और जातीय तनाव के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है.
मदुरै, थेनी, तिरुनेलवेली, तूतुकुड़ी, रामनाथपुरम और शिवगंगा जैसे जिलों में पहले भी जातीय झड़पें और प्रतिशोधी हत्याओं की घटनाएं देखी गई हैं.
हाल के वर्षों में ऑनर किलिंग और अंतर-जातीय संबंधों से जुड़े अपराधों ने इस क्षेत्र में सामाजिक तनाव को उजागर किया है.
हालांकि Police अक्सर इन मामलों को व्यक्तिगत विवाद या स्थानीय रंजिश बताती है लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय से यह तर्क देते रहे हैं कि इन घटनाओं के पीछे गहरे जातीय तनाव भी एक बड़ा कारण हैं.
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पीएम
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