
Bhopal , 10 जुलाई Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि विद्वानों को मंदिर का पुजारी बताते हुए कहा है कि राज्य Government उनके साथ है, इसीलिए समिति का गठन किया गया है.यह समिति जिस भी राज्य का मॉडल लेकर आएगी उसे Madhya Pradesh में लागू किया जाएगा.
राजधानी Bhopal के रवींद्र भवन में आयोजित प्रदेश स्तरीय अतिथि विद्वानों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए Chief Minister यादव ने कहा, भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले समिति गठित की गई है, अतिथि विद्वान समिति के माध्यम से जिस भी राज्य का मॉडल लागू करवाना चाहें, उसका प्रस्ताव बनाकर लाएं. Government आपके साथ रहेगी.
Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि वसुधा को कोई कुटुंबकम समझने वाली संस्कृति हो तो वो India की संस्कृति है. यह कदम-कदम पर दिखाई भी देता है. हमारे अतीत का गौरवशाली पृष्ठ बताता है कि भगवान श्री राम का कार्यकाल करीब 15 लाख वर्ष पुराना है. उस वक्त दशरथ जी मान-मनौव्वल करते हैं, लेकिन गुरु विश्वामित्र बच्चों को ले जाते हैं, क्योंकि उन्हें आत्मविश्वास था. इसी तरह शिक्षक का कॉन्फिडेंस भी भविष्य गढ़ता है. इतना ही नहीं गुरु वशिष्ठ उन्हें जनकपुरी ले गए और रावण सहित सबकी उपस्थिति में भगवान राम का पराक्रम दिखाया. इन सबके केंद्र गुरु ही थे.
Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि अतिथि विद्वान महज किसी पद को भरने के खाली स्थान नहीं हैं, ये पावन मंदिर के पुजारी हैं. उनके पढ़ाने से देश का भविष्य उज्ज्वल होगा. इनकी भूमिका छोटी नहीं है. राज्य Government शिक्षा के क्षेत्र में बहुत कुछ कर रही है. देश में अगर सबसे पहले पीएम एक्सीलेंस कॉलेज कहीं खोले गए तो, मध्यप्रदेश में खोले गए. इसी तरह नए विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय किया. Government सबसे ज्यादा ध्यान उच्च शिक्षा विभाग और तकनीकी विभाग पर दे रहे हैं.
Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि Government ने 13 आकस्मिक, 3 एच्छिक अवकाश दिया है. बहनों को प्रसूति अवकाश दिया गया है. एक वर्ष में निकट स्थान पर जाने की सुविधा भी दी थी. लोकसेवा में भी 25 फीसदी पद आरक्षित करते हुए दस वर्ष की छूट दी थी.
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एसएनपी/पीएम
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