मध्य प्रदेश कैबिनेट ने नौ अहम विधेयकों को दी मंजूरी, मानसून सत्र में पेश होंगे विधेयक

Bhopal , 19 जुलाई . Chief Minister मोहन यादव की अध्यक्षता में Bhopal के जगदीशपुर में आयोजित Madhya Pradesh कैबिनेट की विशेष बैठक में नौ महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी गई. ये सभी विधेयक 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे. राज्य Government का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाना, नियमों को सरल करना और शिक्षा, उद्योग, श्रम तथा जनकल्याण के क्षेत्र में व्यापक सुधार लाना है.

सबसे अहम ‘Madhya Pradesh समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दी गई है. इस विधेयक के तहत सभी धर्मों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है. इसमें लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है और महिलाओं व पुरुषों को संपत्ति में समान अधिकार देने का प्रावधान किया गया है. हालांकि, जनजातीय समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है. इस कदम के साथ, Madhya Pradesh उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने इस तरह का व्यापक नागरिक सुधार आगे बढ़ाया है.

कैबिनेट ने ‘निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026’ को भी मंजूरी दी. इसके तहत विश्वविद्यालय खोलने के लिए पहले अनिवार्य 25 एकड़ भूमि की शर्त हटाकर ‘पर्याप्त भूमि’ का प्रावधान किया गया है. इससे शहरों और उनके आसपास बहुमंजिला परिसर बनाकर विश्वविद्यालय स्थापित किए जा सकेंगे. यह फैसला नई शिक्षा नीति के अनुरूप माना जा रहा है, और इससे निजी निवेश तथा उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ को भी ज्यादा मजबूत बनाया गया है. इसके तहत Madhya Pradesh औद्योगिक विकास निगम के अंतर्गत एक विशेष ईओडीबी सचिवालय बनाया जाएगा. यह सिंगल विंडो व्यवस्था निवेशकों को स्व-घोषणा के आधार पर ‘लेटर ऑफ एस्टैब्लिशमेंट’ जारी करेगी. साथ ही शुरुआती चरण में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है, जिससे उद्योग लगाने में लगने वाला समय काफी कम होगा.

शिक्षा क्षेत्र में ‘Madhya Pradesh निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण एवं विनियमन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी मिली है. इसके तहत कक्षा 11 से नीचे के विद्यार्थियों का कोचिंग संस्थानों में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. सभी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा और भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त रोक रहेगी. यदि कोई छात्र कोचिंग छोड़ता है, तो उसकी फीस 10 दिनों के भीतर लौटानी होगी.

श्रम क्षेत्र में ‘Madhya Pradesh श्रम संहिता, 2026’ को मंजूरी दी गई है. इसमें छह पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर एक नई संहिता बनाई गई है, जो केंद्रीय कानूनों के अनुरूप होगी. इसके तहत थिएटर और रेस्तरां को तीन शिफ्ट प्रणाली में 24 घंटे संचालित करने की अनुमति मिलेगी. साथ ही नए प्रतिष्ठानों के लिए निरीक्षक द्वारा अनिवार्य सत्यापन की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है.

इसके अलावा कैबिनेट ने ‘Madhya Pradesh राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026’, ‘Madhya Pradesh निरसन विधेयक, 2026’, ‘फायर एक्ट, 2026’, ‘धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक’ और ‘पंचायत राज एवं उपकर (सेस) अधिनियम में संशोधन’ को भी मंजूरी दी. इन संशोधनों के तहत स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण संपत्तियों के पंजीकरण पर लगने वाले उपकर से ग्रामीणों को छूट मिलेगी.

इन सभी नौ विधेयकों के साथ Madhya Pradesh Government ने संकेत दिया है कि वह प्रशासन को अधिक पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और जनहितकारी बनाने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है. ऐसे में इस बार का विधानसभा मानसून सत्र हाल के वर्षों के सबसे महत्वपूर्ण सत्रों में से एक माना जा रहा है.

पीएम