
Bhopal , 9 मई . Chief Minister डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में Madhya Pradesh वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है. गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश एक अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में उभर रहा है. हाल ही में Madhya Pradesh से जुड़े एक सिनेरियस गिद्ध की प्रेरणादायी यात्रा ने प्रदेश के संरक्षण प्रयासों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है.
दुर्लभ सिनेरियस गिद्ध का रेस्क्यू 19 दिसंबर 2025 को विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र से किया गया था. घायल एवं कमजोर अवस्था में मिले इस गिद्ध का उपचार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, Bhopal एवं बीएनएचएस के संयुक्त तत्वावधान में संचालित वल्चर कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर, केरवा में विशेषज्ञों द्वारा किया गया.
स्वस्थ होने के बाद 23 फरवरी को Chief Minister डॉ. यादव ने इसे रायसेन जिले के हलाली डैम स्थित प्राकृतिक आवास में मुक्त किया था. मुक्त किए जाने के बाद यह गिद्ध लगभग एक माह तक हलाली डैम क्षेत्र में रहा और प्राकृतिक वातावरण में स्वयं को पुनः अनुकूलित करता रहा.
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया एवं बीएनएच के सहयोग से वन विहार द्वारा इसकी जीपीएस ट्रैकिंग प्रारंभ की गई. इससे गिद्ध की गतिविधियों एवं प्रवास की वैज्ञानिक तरीके से निगरानी की जा रही है. ट्रैकिंग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस गिद्ध ने 10 अप्रैल को हलाली डैम से अपनी लंबी अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रारंभ की. Rajasthan से होते हुए यह Pakistan और अफगानिस्तान की सीमाएं पार कर 4 मई को उज्बेकिस्तान पहुंच गया. इस दौरान इसने 3000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की.
यह अद्भुत यात्रा गिद्धों की असाधारण नेविगेशन क्षमता, सहनशीलता एवं जीवटता का जीवंत उदाहरण है. साथ ही, यह Madhya Pradesh Government की वन्यजीव संरक्षण के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाती है. गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों, आधुनिक उपचार सुविधाओं, वैज्ञानिक मॉनिटरिंग और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से मध्यप्रदेश आज देश के साथ ही वैश्विक वन एवं वन्यजीव संरक्षण समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है. प्रदेश गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में विश्व मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है.
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डीकेपी/
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