
इंदौर, 21 मई . Madhya Pradesh के इंदौर स्थित राऊ इलाके से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहां 13 साल की नाबालिग लड़की की शादी एक 42 साल के आदमी से कराई जा रही थी. हालांकि, Police और बाल विवाह विरोधी टीम ने समय रहते इसे रोक दिया.
यह मामला तब सामने आया जब बाल विवाह रोकथाम से जुड़ी उड़नदस्ता टीम को सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़की की शादी एक 42 साल के व्यक्ति से कराई जा रही है.
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए इंदौर के डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि उन्हें यह सूचना बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ता से मिली थी. सूचना मिलते ही Police टीम मौके पर पहुंची और शादी से पहले ही उन्हें समझा दिया गया. उस समय परिवार के लोगों को बाल कल्याण समिति के सामने भी पेश किया गया और उन्हें समझाया गया कि यह शादी कानूनन गलत है.
डीसीपी के मुताबिक, शुरुआत में परिवार के लोग मान भी गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने फिर से शादी की तैयारी शुरू कर दी. जैसे ही यह जानकारी Police तक पहुंची, तुरंत कार्रवाई करते हुए शादी को रुकवा दिया गया और लड़की को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया गया.
Police ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए कुल 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इसमें दूल्हा, दुल्हन के परिवार के सदस्य और शादी में शामिल लोग भी शामिल हैं.
डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि इस मामले में दुल्हन की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी. मां ने कहा कि लड़की के दादा-दादी इस शादी को जबरदस्ती करवा रहे थे, जबकि वह खुद इसके खिलाफ थी. वे लोग नाबालिग को उज्जैन ले जाकर एक मंदिर में शादी कराने की कोशिश कर रहे थे.
डीसीपी ने बताया कि इस तरह के मामलों में सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि शादी में शामिल हर व्यक्ति जिम्मेदार होता है, इसलिए इस केस में पंडित, रिश्तेदार और आयोजन में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.
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पीआईएम/डीकेपी
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