लखनऊ अग्निकांड: अखिलेश यादव बोले, समय पर कार्रवाई होती तो बच सकती थी बच्चों की जान

Lucknow, 24 जून . Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने Lucknow के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर उत्तर प्रदेश Government पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, राहत एवं बचाव कार्यों में देरी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण कई मासूम बच्चों की जान चली गई.

सपा प्रमुख ने मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए कहा कि Government इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकती. सपा मुख्यालय में Wednesday को पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि अलीगंज की घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का परिणाम है. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा नियमों का पालन कराया गया होता और बचाव उपकरण उपलब्ध होते तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी.

उन्होंने सवाल उठाया कि राहत कार्य के दौरान दीवारें तोड़ने के लिए आधुनिक उपकरणों के बजाय हथौड़ों का इस्तेमाल क्यों किया गया. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में इससे पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन उनसे कोई सबक नहीं लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि Government की प्राथमिकता जवाबदेही तय करने के बजाय घटनाओं को दबाने की रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा दुख नहीं हो सकता और इस पीड़ा को केवल वही परिवार समझ सकता है जिसने अपना लाल खोया हो.

उन्होंने Government से मृतक बच्चों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की. साथ ही उन्होंने कहा कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए.

इस दौरान अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में अब तक First Information Report दर्ज न होना कई सवाल खड़े करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच पारदर्शी तरीके से नहीं हो रही है और Government को इस विषय पर स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए.

सपा प्रमुख ने कहा कि देश और प्रदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण और पूजा-अर्चना के लिए उदारतापूर्वक दान दिया है. ऐसे में यदि चढ़ावे और दान राशि को लेकर किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए.

अखिलेश यादव ने Madhya Pradesh में Chief Minister मोहन यादव से जुड़े कथित भूमि विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि वहां सत्ताधारी दल के भीतर ही मतभेद और टकराव की स्थिति दिखाई दे रही है, जिसके कारण इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं. वहीं, भाजपा द्वारा अन्य दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिशों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा Political विस्तार के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि Samajwadi Party आदिवासी समाज के अधिकारों की पक्षधर है और प्रदेश में Government बनने पर जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा.

विकेटी/डीकेपी