कोहिमा, 31 मार्च . साल 2019 में हुए चुनाव के उलट नगालैंड की एकमात्र लोकसभा सीट पर सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी), कांग्रेस और एक निर्दलीय उम्मीदवार के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है.

2019 के लोकसभा चुनाव में चार पार्टियों – एनडीपीपी, कांग्रेस, एनपीपी और एक निर्दलीय ने चुनाव लड़ा, जिसमें एनडीपीपी के उम्मीदवार तोखेहो येपथोमी ने कांग्रेस के उम्मीदवार के.एल. चिशी को हराकर सीट जीती थी.16,344 वोटों के अंतर से येपथोमी ने 2018 के उपचुनाव में भी जीत हासिल की थी. इसके बाद मौजूदा सदस्य नेफ्यू रियो ने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था और राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला था.

इस बार, एनडीपीपी ने चुम्बेन मुरी को नामांकित किया.

कांग्रेस के उम्मीदवार एस. सुपोंगमेरेन जमीर हैं और हेइथुंग तुंगो लोथा निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं.

संसदीय चुनाव में पहली बार उतरे मुरी, जो राज्य के पूर्व मंत्री भी हैं, एनडीपीपी के नेतृत्व वाले पीपुल्स डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) के संयुक्त उम्मीदवार हैं.

चिकित्सक से राजनेता बने मुरी हाल तक मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार थे.

राज्य कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष और पूर्व विधायक जमीर पहली बार संसदीय चुनाव लड़ रहे हैं. निर्दलीय उम्मीदवार लोथा एक सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिज्ञ और उद्यमी हैं. उन्होंने नेशनल पीपुल्स पार्टी के टिकट पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन असफल रहे.

नगालैंड की एकमात्र लोकसभा सीट पर 7 चरण के चुनाव के पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा और 4 जून को मतगणना होगी.

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